शांता और धुमल के निशाने पर जयराम ठाकुर
September 4th, 2019 | Post by :- | 228 Views

प्रदेश विधानसभा में विधायकों-मंत्रियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए जब अपने यात्रा भत्ते बढ़ाए हैं, वह भी तब जब सरकार खुद कर्ज का रोना रो चुकी है। अब लाजिमी है कि जनता और नेताओं का रिएक्शन सरकार के खिलाफ ही आएगा।

मगर उपचुनावों को देखते हुए यह सरकार के लिए कुछ चिंता का विषय जरूर हो सकता है लेकिन जब ऐसा ही रिएक्शन सत्ताधारी दल के दिग्गज रह चुके नेता देंगे तो निश्चित तौर पर सरकार के लिए खतरे की घंटी है। शांता कुमार के बाद प्रेम कुमार धूमल ने भी प्रदेश सरकार के इस फैसले पर निशाना साधा है। दोनों नेताओं ने अपने अपने लफ्जों में निर्णय सही करार नहीं दिया।

विधायकों के यात्रा भत्ते बढ़ाने संबंधी मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार इसे उनकी समझ से परे का फैसला करार दे चुके हैं। यानि उन्होंने साफ कर दिया है कि इस तरह के फैसले में वह कतई सरकार के समर्थन में नहीं हैं।दूसरी तरफ प्रेम कुमार धूमल का कहना है कि यदि विधायक खुद ही अपने वेतन और भत्ते बढ़ाएंगे तो उनकी आलोचना होना स्वाभाविक ही है। धूमल ने यह भी कहा कि जिस तरह कर्मचारियों के वेतन-भत्ते तय करने के लिए आयोग होता है उसी तर्ज पर विधायकों के वेतन-भत्तों के लिए भी कोई व्यवस्था होनी चाहिए। मगर जयराम सरकार नें खुद ही खुद के लिए धन की बांट कर ली।

प्रेम कुमार धूमल के व्यान से समझा जा सकता है कि प्रदेश सरकार राजनीतिक परिदृश्य के लिहाज से फैसले नहीं ले पा रही है। भले ही भत्ते बढ़ाने के लिए सदन में सर्वसम्मति बनी हो लेकिन यह काम किसी आयोग को करना था। धूमल ने राजनीतिक परिपक्वता का परिचय देते हुए कहा कि यदि यात्रा भत्ते बढ़ाना बहुत जरूरी हो गया था तो इसके लिए कमेटी का गठन किया जाता उसमें भाजपा के साथ कांग्रेसी भी शामिल होते। जाहिर है खुद के लिए खुद ही प्रदेश का खजाना खोलने के चलते जयराम सरकार की अलोचना तो होगी ही।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।