फर्ज और सेवा के लिए कांगड़ा की बेटी ने टाल दी शादी, पंचकूला के अस्पताल में सेवारत प्रतिभा
April 16th, 2020 | Post by :- | 119 Views

कोरोना वायरस महामारी से सीधी जंग लड़ रहे डॉक्टरों, नर्सो व सफाई कर्मचारियों के जज्बे को इन दिनों हर कोई सलाम कर रहा है। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनके लिए पहले काम जरूरी है और खुशियां बाद में। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने। फर्ज और देश सेवा के लिए उसने शादी को आगे टाल दिया है।

मरीजों के उपचार के लिए दिन-रात सेवाएं देना उसका पहला कर्तव्य है। यह मानवता ही है कि वह अपने सुख को त्यागकर सेवा में जुटी है। यहां बात हो रही डाडासीबा के समीपवर्ती गांव नंगल चौक में पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह के घर जन्मी 27 वर्षीया प्रतिभा जम्बाल की। प्रतिभा बीते कुछ वर्ष से पंचकूला में एक नामी निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स है। वह किडनी व कैंसर मरीजों का डायलिसिस कर सेवाएं दे रही हैं। प्रतिभा जम्बाल की शादी 26 अप्रैल को निश्चित की गई थी और इसके लिए तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं लेकिन इस होनहार बेटी ने विवाह से ज्यादा जरूरी कोरोना महामारी व अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों की सेवा करना समझा। वह दिन-रात पंचकूला में लोगों की सेवा कर रही है। साथ ही बेटी की विदाई का मोह त्याग कर डोगरा फोर्स से रिटायर पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह ने अनूठी मिसाल कायम करते हुए कहा कि राष्ट्रहित में पहले कोरोना को भगाना है और उसके बाद ही बेटी का ब्याह रचाना है।

यहां आज जानी थी बरात

कांगड़ा हलके के तहत बैदी निवासी विनय की बरात वीरवार को बीरता गांव जानी थी। विनय और नेहा ने परिण्य सूत्र में बंधना था, लेकिन कफ्यरू के कारण दोनों परिवारों ने शादी स्थगित कर दी है। बैदी निवासी विनय पठानकोट कोर्ट में तैनात हैं। शादी के लिए तैयारियां हो चुकी थीं। बकौल विनय, शादी से पहले देशहित जरूरी है।

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