लॉकडाउन में बच्चों को ऐसे बनाएं रखें पॉजिटिव, काम आएंगे ये उपाय
May 5th, 2020 | Post by :- | 238 Views

लॉकडाउन में बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी लगभग खत्म हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ वायरस को लेकर कुछ बच्चे काफी डरे हुए भी हैं। यह डर मन पर हावी हो, उससे पहले उनको माइंडफुलनेस अभ्यास से जोड़ें। बच्चों में सकारात्मक विचारों को पैदा करने का यह सबसे अच्छा तरीका है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपाय जो आपके बच्चों को पॉजिटिव बनाए रखने में आपकी मदद करेंगे।

सांसों पर ध्यान केंद्रित करें-
अपनी सांस को देखना हमें अपने विचारों से विचलित होने की बजाय वर्तमान पल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। बच्चे भी यह सीख सकते हैं। उन्हें यह सिखाएं कि ध्यान करते हुए वे सिर्फ अपनी सांस देखें, अपने शरीर में हो रही हलचल को अनुभव करें। यह अभ्यास उन्हें शांत रखेगा। वे कम उम्र में ही अपने विचारों और चिंता को मैनेज करना सीखने लगते हैं।

क्षमा की ताकत से रूबरू कराएं-
अगर आप चाहते हैं कि बड़ा होने के बाद आपके बच्चे का व्यक्तित्व सशक्त, शांत, सफल और मजबूत बने, तो उन्हें क्षमा की शक्ति से भी रूबरू कराएं। बच्चों में क्षमा करने की क्षमता पैदा करें, यह उनके रिश्तों में शांति और सद्भाव लाएगा। इसके लिए बच्चों को रोजाना फॉरगिवनेस मेडिटेशन करने के लिए बोलें। उन्हें किसी के बारे में या ऐसी स्थिति के बारे में सोचने के लिए कहें, जो उन्हें आहत या परेशान कर रही है। जैसे-जैसे उनके दिमाग में विचार आते हैं, उन्हें इन शब्दों को दोहराने के लिए प्रोत्साहित करें, ‘मैं सभी को क्षमा करता हूं, हर कोई खुश और स्वस्थ रहे।’

विजुअलाइज करने दें-
आपका मन केवल चित्रों में सोचता है और आपका अवचेतन मन आपके व्यवहार को संचालित करता है। इस तकनीक को करने से पहले आपको ऐसा कुछ विजुअलाइज करना होगा, जो करने की आपकी बहुत इच्छा है। बच्चों को रात में सोने से पहले, अपने किसी विचार, जो वो पाना चाहते हैं, की कल्पना करना सिखाएं। उन्हें उन कार्यों में सफल होने की कल्पना करने के लिए प्रोत्साहित करें, जिन्हें उन्हें पूरा करने की जरूरत है। रोजाना मन में सकारात्मक छवियों को कुछ सेकंड रखना एक शक्तिशाली अभ्यास है, जो उन्हें जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सक्षम बनाएगा।

कृतज्ञता की करें बात-
बच्चों में कृतज्ञता का दृष्टिकोण बेहद जरूरी है। अपने बच्चों के सामने अपने जीवन की अच्छी सकारात्मक चीजों या लोगों के होने के लिएकृतज्ञता प्रकट करें और अपने बच्चों को भी ऐसी ही भावना रखने के लिएप्रेरित करें। एक डायरी बनाएं, घर के प्रत्येक सदस्य को रोजाना एक बात लिखने दें, जिसके लिए वे वास्तव में आभारी हैं, साथ-साथ कारण बताते हुए यह भी लिखें कि वे इसके लिए ‘क्यों’ आभारी हैं। इससे बच्चे कृतज्ञता की गहराई में जा सकेंगे। वे सकारात्मक रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देंगे कि उनके पास क्या है, इस बारे में शिकायत करने की बजाय कि उनके पास क्या नहीं है।

(हो’ओपोनोपोनो क्षमाशीलता पर आधारित एक प्राचीन जीवन दर्शन है)

डॉ. करिश्मा आहूजा-लॉ ऑफ अट्रैक्शन, हो’ओपोनोपोनो विशेषज्ञ

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