बैंक खातों से इस तरह ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे शातिर, इन बातों का रखें ध्यान
September 18th, 2019 | Post by :- | 124 Views
हिमाचल के लोगों को अपना निशाना बना रहे ठग किराये पर बैंक खाते लेकर लोगों के लाखों रुपये डकार रहे हैं। ज्यादातर मामलों में ठग पूर्वोत्तर राज्यों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के रहने वाले लोगों के बैंक खातों को किराये पर ले लेते हैं। इसके बाद उन खातों में ही ठगी का शिकार होने वाले लोगों से रकम जमा करा लेते हैं। इसके बाद उस रकम को दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू जैसे शहरों की किसी भी बैंक शाखा या एटीएम से निकाल लेते हैं।

एक  सेवानिवृत आईएएस से हुई ठगी के मामले की जांच में जुटी साइबर क्राइम विंग पिछले करीब 10 दिन तक पूर्वोत्तर के राज्यों में दबिश देकर उन बैंक खातों की जांच कर रही थी। इसी जांच के दौरान यह बात सामने आई है।

डीएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि कुछ मामलों की जांच के संबंध में एक टीम झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और मिजोरम गई थी। यहां कुछ ठिकानों पर दबिश के दौरान यह बात सामने आई कि ज्यादातर मामलों में देश विदेश में बैठे साइबर ठग ऐसे ही खातों का इस्तेमाल करते हैं जिन खातों के मालिक बेहद गरीब होते हैं या उन्हें पढ़ना लिखना नहीं आता।

अनुशासित रहे साइबर स्पेस के नागरिक

ऐसे लोगों को ठग पांच 100 से 1500 रुपये देकर बैंक खाता किराये पर ले लेते हैं और ठगी में उसका इस्तेमाल करते हैं। कहा कि ठगी से बचने के लिए सबसे पहले खुद का जागरूक होना जरूरी है।

लोग नौकरी लगने या रकम दोगुनी या फिर कम समय में ज्यादा पैसा कमाने जैसे लालच में आकर ठगों का निशाना बन जाते हैं और उनके बताए खातों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर देते हैं।

इसके बाद जब कुछ फायदा नहीं होता तो पुलिस के पास जाते हैं। लेकिन इस समय तक उनकी कमाई पर ठग ऐश कर रहे होते हैं। कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं कि ऐसे ठगों के गिरोह को जल्द पकड़ा जाए।

कुछ सुराग मिले हैं और संभव है जल्द सफलता हासिल होगी। डीएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि कुछ शिकायतें ऐसी भी मिली है जिनमें लोग पॉर्न साइट से वीडियो फोटो डाउनलोड कर उसे वायरल करते हैं।

कहा कि ऐसा करना अपराध है और अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि साइबर स्पेस में रहने वाले नागरिकों को अनुशासित रहना चाहिए ताकि अपराध होने से रह जाए।

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