47वीं राष्ट्रीय जूनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप में कुल्लू की बेटियों ने दिखाया दमखम। #news4
December 30th, 2021 | Post by :- | 552 Views

हिमाचल की तीर्थन घाटी के हीरों ने कोलकाता में बिखेरी चमक।

47वीं राष्ट्रीय जूनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप में कुल्लू की बेटियों ने दिखाया दमखम।

तीर्थन घाटी की बेटी नेहा ठाकुर ने जुनियर महिला वर्ग में दूसरी बार किया हिमाचल टीम का नेतृत्व।

गुशैनी स्कूल के शारीरिक अध्यापक रविंद्र कुमार ने हिमाचल टीम में बतौर कोच दी अपनी सेवाएं।

तीर्थन घाटी की बेटियां मनोरमा देवी, रीना शलाठ और माया शलाठ भी वालीबॉल खेल में राष्ट्रीय स्तर तक कमा चुकी है नाम।

तीर्थन घाटी गुशैनी बंजार (परस राम भारती):- पश्चिम बंगाल के वर्धमान में 25 से 30 दिसम्बर तक 47वीं जूनियर नेशनल वाॅलीबाल चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश से अंडर-17 जुनियर वर्ग बालक एवं बालिकाओं की टीमों ने भी हिस्सा लिया। इस चैंपियनशिप में हिमाचल की दोनों टीमों ने अपना खुब दमखम दिखाया है। हालांकि टीमें इस प्रतियोगिता में अपना परचम लहराने में कामयाब नहीं हो सकी और प्रतियोगिता से बाहर हो गई है लेकिन फिर भी इन दोनों टीमों ने अपने खेले गए मैचों में अपनी खेल प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया है।

हिमाचल प्रदेश जुनियर वर्ग वालीबॉल टीम में इस बार जिला कुल्लू के बंजार क्षेत्र से नेहा ठाकुर, निहाल ठाकुर और कार्तिक को पश्चिमी बंगाल में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला है। तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत पेखडी से शलिंगा गांव की बेटी नेहा ठाकुर दूसरी बार हिमाचल प्रदेश जुनियर वर्ग बालिका वालीबॉल टीम का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रही है और वर्तमान में साई स्पोर्ट्स हॉस्टल धर्मशाला से अपनी शिक्षा ग्रहण कर रही है।

इस बार तीर्थन घाटी के गुशैनी स्कूल से युवा शारीरिक अध्यापक रविन्द्र कुमार को भी हिमाचल वालीबॉल टीम बालिका वर्ग में बतौर कोच अपनी सेवाएं देने का मौका मिला। बंदल गांव के निवासी रविन्द्र कुमार वर्तमान में सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुशैनी में बतौर शारिरिक अध्यापक तैनात है।

तीर्थन घाटी के बंदल गांव की बेटी मनोरमा देवी तो कई सालों से हिमाचल वालीबॉल टीम में बतौर वरिष्ठ कोच अपनी सेवाएं दे रही है जो इस बार भी 47वीं चैंपियनशिप में हिमाचल जूनियर वॉलीबॉल टीम बालक वर्ग में बतौर कोच साथ रही। मनोरमा देवी भी शिक्षा विभाग में बतौर शारिरिक अध्यापक तैनात है। साई स्पोर्ट्स हॉस्टल धर्मशाला से ही इसने अपनी शिक्षा दीक्षा हासिल की है। यह पिछले कई सालों से हिमाचल प्रदेश वालीबॉल टीम में बतौर कोच अपनी सेवाएं दे रही है।

तीर्थन घाटी की दूर दराज ग्राम पंचायत पेखडी के नाही गांव की बेटियां रीना शलाठ और माया शलाठ भी वालीबॉल खेल में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है। इन दोनों बेटियों ने भी साई स्पोर्ट्स हॉस्टल धर्मशाला से शिक्षा ग्रहण की है। रीना शलाठ वर्तमान में वन विभाग में बतौर वनरक्षक तैनात है जिसे स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी मिली है। उपरोक्त सभी खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल खेल का सफर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुशैनी से ही शुरू किया है।

हिमाचल प्रदेश वाॅलीबाल टीम में तीर्थन घाटी के युवाओं का काफी महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। इस बार पश्चिम बंगाल में आयोजित 47वीं राष्ट्रीय जुनियर वालीबॉल चैम्पियनशिप में तीर्थन घाटी से हिमाचल को दो कोच और एक कप्तान मिले हैं। पहाड़ sa कठिन जीवन जीने के बाबजूद भी तीर्थन घाटी के युवाओं ने वालीबॉल खेल में अपना खूब नाम कमाया है। नेहा ठाकुर को दुसरी बार हिमाचल टीम का कप्तान और रविन्द्र कुमार तथा मनोरमा देवी को टीम का कोच बनाये जाने पर घाटी के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। लोगों ने उपरोक्त सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दी है।

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