पौराणिक सरेउलसर झील ठंड के कारण जमी, झील पर फोटोग्राफी पर प्रतिबंध #news4
January 3rd, 2022 | Post by :- | 88 Views

कुल्लू : हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मौसम में ठंड है। प्रदेश में कई स्थानों पर बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग भी समय समय पर बर्फबारी की संभावना जताता रहता है। प्रदेश के आनी उपमंडल के 10280 फिट की ऊंचाई पर बसे जलोड़ी दर्रा के साथ स्थित पौराणिक सरेउलसर झील अत्यधिक ठंड के कारण जम चुकी है। झील करीब एक किमी के दायरे में फैली है। बड़ी संख्या में यहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। अब धार्मिक आस्था के चलते जमी हुई झील के ऊपर खड़े होकर फोटोग्राफी करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सरेउलसर स्थित बूढ़ी नागिन माता मंदिर के कारदार रिंकू सिंह राणा ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने जलोड़ी दर्रे, सोझा, घियाघि और सरेउलसर के पैदल रास्ते मे होटल, ढाबा, होम सटे चलाने वाले लोगों और स्थानीय गाइड से अपील की है कि जो भी पर्यटक आपके यहां ठहरने आते हैं और फिर सरेउलसर की ओर निकलते हैं, उन्हें बाकायदा हिदायत देकर भेजें कि पौराणिक और क्षेत्र की पूजनीय इस झील के ऊपर न चढ़ें। न ही जूतों के साथ इसके पानी मे या फिर जमी हुई झील पर चढ़ें। सरेउलसर झील चारों ओर से रैई, खरशू आदि पेड़ों से घिरी है। झील सदियों में अत्यधिक ठंड होने के बाद पूरी तरह से जम गई हैं। बूढ़ी नागिन माता मंदिर कमेटी ने यहां आने वाले देश विदेश के पर्यटकों के लिए जमी हुई झील के ऊपर खड़े होकर फोटोग्राफी करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। धार्मिक आस्था के चलते रोक का फैसला लिया गया है।

रिंकू राणा ने कहा कि कुछ दिनों में देखने मे आया है कि स्थानीय लोगों के साथ आये पर्यटकों ने जूते के साथ अपने मनोरंजन के लिए झील पर चढ़कर फोटोग्राफी की। जो बूढ़ी नागिन माता के आनी, बंजार, मंडी क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाता है। मन्दिर कमेटी ने सभी को चेताया है कि यदि अब झील के ऊपर चढ़कर फोटो शूट करने पर रोक न लगी तो मन्दिर कमेटी कड़े कदम उठाने पर मजबूर होगी।

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