कानम में लोसर उत्सव की धूम #news4
January 7th, 2022 | Post by :- | 74 Views

रिकांगपिओ : किन्नौर जिले के कानम गांव में आजकल नववर्ष के रूप में मनाए जाने वाला चार दिवसीय लोसर मेला मनाया जा रहा है। इस उत्सव के बाद किन्नौर जिले के देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर जाते हैं। कानम के लोगों ने हिमपात के बीच ठंड की परवाह किए बिना बनयुम खेत व आपिचांग नामक खेत सहित खांचे बौद्ध मठ में उत्सव मनाया। मेले में सभी ग्रामीण घर के कामकाज छोड़कर स्थानीय देवी-देवताओं के मंदिर प्रांगण में मेला करते हैं। लोसर मेले में ग्रामीण घरों में पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं। जिला के पूह खंड, हांगरांग घाटी व मूरंग तहसील में लोग लोसर मना रहे हैं।

कानम गांव को भी बौद्ध धर्मगुरुओं की धरती व सोने की मिट्टी में बसा हुआ पवित्र गांव माना जाता है। यहां देव संस्कृति के साथ बौद्ध धर्म की झलक भी देखी जा सकती है। लोसर मेले में देवी-देवताओं समेत बौद्ध धर्मगुरु भी आने वाले पूरे वर्ष भर के लिए गांव में अच्छी सफल व सुख समृद्धि की कामना करते हैं।

कानम गांव में मनाए जा रहे लोसर मेले में सभी ग्रामीणों को मंदिर प्रांगण में आना भी अनिवार्य रहता है और शहरों में रहने या पढ़ाई करने वाले लोगों को भी लोसर मेले में गांव में हाजिरी लगानी पड़ती है। इस मेले में सभी महिलाएं व पुरुष मंदिर के अंदर प्रवेश कर सकते हैं और मेले में ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा पहनकर मंदिर प्रांगण में देवी देवताओं की पूजा अर्चना व नृत्य कर खुश करते हैं और आने वाले वर्ष में फसलों व गांव के सुख-समृद्धि की कामना भी करते हैं।

किन्नौर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हिमपात हो रहा है। ऐसे में तापमान में भी काफी गिरावट आई है। वहीं, पहाड़ों की चोटी पर बसे होने के कारण कानम गांव में भी हिमपात का का सिलसिला जारी है। इस कड़कड़ाती ठंड में भी ग्रामीणों का उत्साह कम होता नजर नहीं आ रहा है। लोग काफी धूमधाम से लोसर मेले में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान बुजुर्गों समेत घर के परिवारजन अपने दूसरे काम नहीं करते परंतु लोसर मेला समाप्त होने के बाद बागवानी, किसानी व अन्य कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

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