खोया मोबाइल कर सकेंगे ट्रैक, IMEI डेटाबेस ला रही सरकार
June 21st, 2019 | Post by :- | 162 Views

दूरसंचार मंत्रालय ने मोबाइल चोरी पर लगाम लगाने और चोरी हुए मोबाइल्स को पकड़ने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कही है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश में संचालित सभी मोबाइल्स के IMEI नंबर का एक डाटाबेस बनाया जाएगा। इसकी मदद से चोरी हुए मोबाइल के IMEI नंबर को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। IMEI नंबर दरअसल हर मोबाइल डिवाइस की खास पहचान होता है। आने वाले कुछ सप्ताह में इसके लागू होने के बाद भारत में फोन गुम हो जाने पर कस्टमर्स बेहतर ढंग से अपना स्मार्टफोन ट्रैक कर सकेंगे।

IMEI नंबर से जुड़ी खास बातें?

क्या होता IMEI नंबर?

इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी यानी IMEI नंबर एक यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है। यह नंबर 15 डिजिट का होता है और यह मोबाइल का एक पहचान नंबर होता है।

– यदि कोई मोबाइल सिंगल सिम होता है तो उसमें एक IMEI नंबर होता है जबकि डबल सिम मोबाइल फोन में दो आईएमईआई नंबर होते हैं।

– जितने सिम का मोबाइल होता है उसके उतने ही IMEI होता हैं। यह एक ऐसा यूनीक नंबर होता है जो पूरी दुनिया में केवल एक मोबाइल को ही दिया जाता है।

IMEI नंबर क्यों हैं महत्वपूर्ण?

IMEI नंबर मोबाइल का यूनीक नंबर होता है। इस नंबर की मदद से मोबाइल की सही स्थिति के बारे में पता किया जा सकता है।

– मोबाइल फोन के चोरी या गुम होने पर इस 15 डिजिट के IMEI नंबर की मदद से उसकी लोकेशन के बारे में जाना जा सकता है।

– पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आईएमईआई  नंबर की मदद से ही चोरी हुए मोबाइल का पता लगाती हैं।

– यदि चोरी करने वाले ने मोबाइल को डिएक्टिवेट भी कर दिया है तब भी यह IMEI नंबर सक्रिय रहता है और मोबाइल की लोकेशन जानी जा सकती है।

– जब भी हम नया मोबाइल फोन खरीदते हैं तो फोन के डिब्बे और बिल पर IMEI नंबर लिखा होता है।

– यदि आपके मोबाइल का डिब्बा या बिल खो गया है तो भी परेशान ना हों। आप अपने मोबाइल में *#06# नंबर डायल करके अपने IMEI नंबर जान सकते हैं।

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