केसर से महक और चमक सकती है किस्मत भी, जानिए कैसे #news4
December 27th, 2022 | Post by :- | 75 Views

केसर को अंग्रेजी में सेफ्रॉन कहते हैं। आयुर्वेद में इसे औषधि माना गया है। इसके कई उपयोग बताए गए हैं। भारत में, कश्मीर के पंपूर तथा जम्मू के किश्तवाड़ नामक स्थान पर केसर की खेती की जाती है। आओ जानते हैं कि ज्योतिष के अनुसार किस तरह इससे किस्मत चमका सकते हैं।

केसर का उपयोग : केसर को खीर में डालकर उसका जायका बढ़ाया जाता है। केसर भात भी बनाया जाता है। खाद्य व्यंजनों में और देव पूजा आदि में इसका उपयोग होता है। पान मसालों और गुटखों में भी इसका उपयोग होने लगा है। स्वाद और सुगंध में केसर उत्तम है। यह कई रोगों में लाभदायक है और यह शक्तिवर्धक है।
केसर के उपाय :-
– यदि कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर है तो भाग्य और आयु दोनों ही कमजोर माने जाते हैं। इसीलिए खीर में केसर डालकर इसका सेवन करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
– प्र‍ितिदिन केसर का तिलक लगाने से गुरु ग्रह बलवान होता है और इससे करियर एवं नौकरी में सफलता मिलती है। गुरु के बलवान होने से ही भाग्य चमकता है।
– केसर का तिलक लगाने से मन शांत रहता है और घर में सुख एवं समृद्धि बढ़ती है।
– चांदी की डिबिया में चांदी की एक ठोस गोली को केसर के साथ रखने से चंद्रदोष दूर होते हैं।
– 7 कौड़ियों को केसर से रंगकर उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन संबंधी समस्या समाप्त हो जाती है।
– केसर का तिलक लगाने से पितृदोष भी समाप्त हो जाते हैं और यदि चतुर्दशी एवं अमावस्या के दिन घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में केसर की धूप देंगेतो भी पितृदोष नहीं रहेगा।
– शिवजी का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करने से दांपत्य जीवन सुखमय रहता है।
– चंदन में केसर मिलाकर उसका हनुमानजी को तिलक लगाने से मंगल दोष का निवारण होता है।
– नाभि स्थान पर केसर लगाने से आयोग्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है।
– केतु पहले, दूसरे, तीसरे, सातवें और आठवें भाव में है तो केसर का तिलक लगाएं और यदि छठे भाव में है तो दूध में केसर डालकर पियें। इससे केतु के बुरे प्रभाव नहीं मिलेंगे।
– गुरु ग्रह यदि 7वें, 8वें या 10वें भाव में है तो नियमित केसर का तिलक लगाएं।

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