मनाली और लेह के टैक्सी चालकों का सरचू विवाद फिर बढा
July 12th, 2019 | Post by :- | 187 Views

जून के अंत में लेह में मनाली के छह वाहनों को तोडऩे के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लेह लद्दाख व मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों के विवाद से चालक परेशान हैं। मनाली के चालकों का आरोप है कि जब वे पर्यटकों को लेकर लेह जा रहे हैं तो उन्हें वहां रुकने नहीं दिया जा रहा है और न ही वापसी में पर्यटकों को लाने दिया जा रहा है। इस कारण अब मनाली से भी लेह लद्दाख की टैक्सियों को वापसी पर खाली जाना पड़ रहा है। दोनों टैक्सी यूनियनों के विवाद से चालकों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी हो रही है। उन्हें मनाली से लेह का किराया भारी पड़ रहा है। पहले दोनों ओर से सवारियां मिलने से दाम कम हो गए थे। लेकिन अब एक तरफ की ही सवारी मिलने से दाम बढ़ गए हैं। हालांकि प्रशासन ने मनाली से लेह तक छोटे वाहनों का 16 से 18 हजार रुपये व बड़े वाहनों का 24 से 25 हजार रुपये किराया निर्धारित किया है। पहले चालकों को वापसी पर भी सवारियां मिलने से किराया कम लिया जा रहा था। लेकिन अब वापसी पर सवारी न मिलने के बाद चालक निर्धारित किराया ही ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर को हिमाचल प्रदेश से जोडऩे वाला पर्यटन स्थल सरचू पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो चुका है। लाहुल के युवाओं ने सरचू को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है। लाहुल के युवा दशकों से वहां टेंट लगाकर पर्यटन गतिविधियां चलाते हैं। जम्मू कश्मीर और हिमाचल सरचू को अपनी सीमा में बताते हैं, जिसके लिए पिछले 5-6 वर्षों से कशमीर पुलिस जबरदस्ती भी कर चुकी है।
पर्यटन की गतिविधियां बढ़ती देख कुछ साल से लेह लद्दाख के लोग भी सरचू में आने लगे। वे लोग हर साल हिमाचल की सीमा के अंदर आते जा रहे हैं। इस कारण हिमाचल और जम्मू कश्मीर के लोगों में सीमा को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं। हालांकि सीमा विवाद का यह मामला भारतीय सर्वेक्षण विभाग के पास विचाराधीन है।

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