चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योग स्थापित करने पर अधिकतम 25 लाख का अनुदान
October 30th, 2019 | Post by :- | 170 Views

मंडी, 30 अक्तूबर: चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योगों स्थापित करने के उददेश्य से बुधवार को विश्राम गृह वन विभाग पुरानी मंडी में प्रधान मुख्य अरण्यपाल (हैड ऑफ फोरेस्ट फोर्स) अजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जिसमे मंडी जोन के प्रमुख उद्यमियों व सम्बन्धित वन परिक्षेत्रों के अधिकारियों ने भाग लिया।

अजय शर्मा ने बताया कि चीड़ की पत्तियों के कारण गर्मियों के मौसम के दौरान जंगलों में आग लगने का खतरा बना रहता है। जंगलों में आग की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष नई परियोजना चलाई गई है जिसके तहत चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें सरकार द्वारा उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए मशीनरी पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है जोकि अधिकतम 25 लाख रूपये है। उन्होंने बताया कि विपणन के लिए सरकार हर सम्भव सुविधा उपलब्ध करवाएगी व उद्योग के लिए प्रथम वर्ष के दौरान चीड़ की पत्तियां की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
आईआईटी मंडी द्वारा चीड़ की पत्तियों पर आधारित मशीनरी का निर्माण किया गया है जिसे हरियाणा व पंजाब के उद्यमी प्रयोग में ला रहे हैं। चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योग स्थापित होने से जहां एक ओर लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं वहीं दूसरी और हमारी अमूल्य वन सम्पदा के संरक्षण की दिशा में भी ठोस कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 27 उद्यमियों ने इस प्रकार के उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया था जिसमें एक उद्योग ने कार्य करना आरम्भ कर दिया है।
प्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र मंडी विनय वर्मा ने चीड़ की पत्तियों से सम्बन्धित उद्योग स्थापित करने बारे सम्पूर्ण औपचारिकताओं बारे विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल पी0एल0 चौहान, मुख्य अरण्यपाल मंडी उपासना पटियाल, मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर आर0एस0पटियाल, वनमण्डलाधिकारी मंडी एस0एस0कश्यप सहित अन्य अधिकारी व उद्यमी उपस्थित थे।

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