न्यूयॉर्क टाइम्स से / कोरोनावायरस से उबर चुके मरीज से कम से कम 8 दिन बाद ही मिलें, हाथ मिलाने और उसकी इस्तेमाल चीज को भी छूनें से बचें
April 15th, 2020 | Post by :- | 134 Views

दुनियाभर में कोरोनावायरस से अब तक 20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। एक लाख 26 हजार लोग इस घातक वायरस के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि राहत की बात ये कि इसी दौरान चार लाख 78 हजार 557 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। अब सवाल है कि क्या कोरोना से उबर चुके मरीज भी हालात सुधारने में मदद कर सकते हैं?

कोरोनावायरस से केवल घर पर रहकर और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही बचा जा सकता है। इसके अलावा कोरोना से बचकर स्वस्थ्य हो चुके मरीज भी दूसरों की सहायता कर सकते हैं। लेकिन इसकी भी कुछ शर्तें होती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया की डॉक्टर एब लॉटनबेश बताती हैं कि ठीक हो चुके मरीजों की इम्युनिटी बेहतर होती है। इसका मतलब है कि वे छींकने या खांसने से वायरस नहीं फैला सकते हैं। लेकिन संपर्क में आने से या संक्रमित सतह छूने से ऐसा संभव है।

कोरोना से जंग जीतने के बाद भी जरूरी है सावधानी

  • साफ-सफाई आदत में करें शुमार

डॉक्टर लॉटनबेश के मुताबिक उबरने के बाद भी आपको साफ-सफाई का ख्याल रखना चाहिए। साथ ही सतह को छूने से, हाथ मिलाने से, हाथ पर छींकने जैसी आदतों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

  • सुनिश्चित करें कि आप पूरी तरह ठीक हो चुके हैं

लक्षण आखिरी बार दिखने के बाद कम से कम 14 दिन तक इंतजार करें। अमेरिकन जर्नल ऑफ रेस्पिरेट्री एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में छपी एक स्टडी के मुताबिक, कोविड 19 संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में 8 दिनों तक कोरोनावायरस रह सकता है। इसके अलावा सीडीसी ने भी ठीक होने के बाद सात दिन तक सेल्फ आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है।

  • रक्तदान करें

अमेरिकन रेड क्रॉस की चीफ मेडिकल ऑफीसर डॉक्टर पाम्पी यंग के मुताबिक, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या का दबाव ब्लड बैंक पर पड़ेगा। लोगों को आज की नहीं, बल्कि आने वाले दो-तीन हफ्तों के बारे में सोचना चाहिए। ऐसे में आप रक्तदान कर भी मदद सकते हैं।

  • दूसरों के लिए उपलब्ध रहें

अगर आप कोरोना से पूरी तरह उबर चुके हैं तो दूसरों की मदद करें। दूसरों को बताएं कि आप उनकी मदद के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि इस दौरान साफ-सफाई के जरिए अपनी और दूसरों कि सुरक्षा का ध्यान रखें।

  • कोन्वालैसेंट प्लाज्मा डोनेट करें

बीमारी से उबर चुके मरीज के खून के प्लाज्मा में एंटीबॉडीज होती हैं, जो वायरस से लड़ने में मददगार है। इसलिए ठीक होने के बाद आप कोन्वालैसेंट प्लाज्मा डोनेट कर भी मदद कर सकते हैं। डॉक्टर्स यह एंडीबॉडीज आपके खून से लेकर मरीज को ट्रांसफ्यूजन के जरिए देते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह प्रक्रिया कोविड 19 मरीज का इलाज कर सकती है।

क्या है कोन्वालैसेंट प्लाज्मा प्रक्रिया?
कोन्वालैसेंट प्लाज्मा प्रक्रिया का उपयोग डॉक्टर्स सदियों से कर रहे हैं। फिलहाल डॉक्टर्स इस प्रक्रिया का इस्तेमाल पोलियो, मीजल्स, सार्स और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए करते हैं। न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम की प्रवक्ता ने बताया कि अब तक करीब 30 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। और आने वाले हफ्तों में यह आंकड़ा 100 के आसपास हो सकता है।

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