मां भंगायणी मंदिर को दिया जाएगा पौराणिक पहाड़ी शैली का रूप
July 29th, 2019 | Post by :- | 583 Views

लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक मां भंगायनी मंदिर अब नई शैली में नजर आएगा। इसे लेकर हरिपुरधार मंदिर कमेटी ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। जल्द ही इसे पौराणिक पहाड़ी शैली में तैयार किया जाएगा।

उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शामिल यह मंदिर जिला सिरमौर के समुद्र तल से लगभग 2500 मीटर यानी 7500 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है। माता भंगायणी मंदिर को लकड़ी और स्लेटनुमा पत्थर की शैली से नक्काशी के साथ निर्मित किया जाएगा।

इसके लिए तमिलनाडु और किन्नौर से कारीगरों को बुलाया जाएगा। गौर हो कि माता भंगायणी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु माथ टेकने पहुंचते हैं। जबकि लाखों लोगों की कुल की देवी माता भंगायनी है, जहां पर लोग अपनी मनोकामना मांगने व पूर्ण होने पर माथा टेकने पहुंचते हैं।

पर्यटन की दृष्टि से माता भंगायणी मंदिर को प्रदेश में एक अलग तरह की शैली का रूप प्रदान करेगा। लगभग एक से डेढ़ करोड़ की राशि से पौराणिक शैली में मंदिर का जीर्णोद्धार की तैयारियां कर ली गई हैं।

प्रतिवर्ष यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। इसलिए इस स्थान पर सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रही है।

मां भंगायणी मंदिर 1986 से पूर्व एक देवठी के रूप में थी। जिसका जीर्णोद्धार 1986 से यहां मंदिर कमेटी ने शुरू किया। 1992 से 2000 के बीच यहां सक्रिय होकर मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ किया गया। मंदिर कमेटी द्वारा यहां पर अभी तक पार्किंग, भव्य पहाड़ी शैली का द्वार, डेढ़ किलोमीटर रेडियस पक्के रास्ते का निर्माण, लंगर हॉल, यात्री ठहराव धर्मशाला और मंदिर पुस्तकालय का निर्माण किया जा चुका है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।