माँ तो माँ ही होती है।
June 9th, 2019 | Post by :- | 283 Views

अपने पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया और कभी कभार उनसे मिलने चला जाता था।

एक शाम उसे वृद्धाश्रम से फ़ोन आया कि
तुम्हारी माता जी की तबियत बहुत ख़राब है,
एक बार आकर मिल लो ।

पुत्र वहाँ गया तो उसने देखा कि माँ कि
हालत बहुत गंभीर और मरणासन्न है ।

उसने पूछा :- माँ मैं आपके लिये क्या कर सकता हूँ ?

माँ ने जवाब दिया :- कृपा करके वृद्धाश्रम में
पंखे लगवा दे यहाँ एक भी नहीं है

और हाँ एक फ्रिज भी रखना देना ताकि खाना ख़राब ना हो क्योंकि कई बार मुझे बिना खाए ही सोना पड़ा ।

पुत्र ने आश्चर्यचकित होकर पूछा :- माँ, आपको यहाँ इतना समय हो गया आपने कभी शिकायत नहीं करी, अब जब आपके जीवन का कुछ ही समय बचा है तब आप मुझे यह सब बता रही हो ।क्यों ?

माँ ने जवाब दिया :- ठीक है बेटा, मैंने तो गर्मी, भूख और दर्द सब बर्दाश्त तर लिया, लेकिन…….

जब तुम्हारी औलाद तुम्हें यहाँ भेजेगी तो मुझे डर है कि तुम ये सब सह नहीं पाओगे

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