रंगड़ों के हमले में बच्ची के बाद अब मां की भी हुई मौत, दादी की हालत भी नाजुक
October 19th, 2019 | Post by :- | 188 Views

मंडी जिला के करसोग उपमंडल की शाहोट पंचायत के स्यांजली गांव में रंगड़ों के काटने से तीन साल की बच्ची की मौत हो गई जबकि दो महिलाओं की हालत नाजुक बनी हुई थी। शनिवार को उपचार के दौरान बच्ची की मां की भी मौत हो गई। इन्हें कल ही आइजीएमसी शिमला रेफर किया गया था। बच्ची की दादी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। तीन वर्षीय शिवानी वीरवार शाम साढ़े पांच बजे के करीब दादी व मां के साथ खेत गई हुई थी। खेत में जैसे ही सास-बहू ने घास काटना शुरु किया, उसी समय घास के बीच से निकले रंगड़ों ने हमला कर दिया।

एक साथ बड़ी संख्या में रंगड़ों के हमला करने से सास-बहू और बच्ची को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बच्ची का पिता सेब सीजन के लिए किन्नौर गया हुआ है। महिलाओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे। उन्होंने लकड़ी और अन्य साधनों से धुआं डालकर रंगड़ों को भगाया। इसके बाद ग्रामीणों ने तीनों को पीठ पर उठाकर गाड़ी तक पहुंचाया। उन्हें रात करीब सवा नौ बजे करसोग अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान बच्ची की मौत हो गई। बाकी दोनों महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद आइजीएमसी रेफर किया गया। कौशल्या देवी (25) की आज मौत हो गई और उसकी सास रोशनी देवी (50) की हालत गंभीर बनी हुई है। थाना प्रभारी करसोग रंजन शर्मा ने मामले की पुष्टि की है।

हर साल आते हैं रंगड़ों के काटने के मामले

करसोग में हर साल किसी न किसी क्षेत्र से रंगड़ों के काटने के कई मामले आते हैं। खासकर अक्टूबर में घास व फसल कटाई के सीजन में इस तरह के मामले सबसे अधिक होते हैं। फसल कटाई के वक्त रंगड़ों के हमले का अधिक खतरा रहता है। इस दौरान कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।

प्रशासन की तरफ से परिवार को नहीं मिली कोई राहत

रंगड़ों के काटने से हुई बच्ची की मौत पर परिवार को प्रशासन की ओर से कोई राहत प्रदान नहीं की गई है। एसडीएम करसोग सुरेंद्र कुमार ठाकुर का कहना है नियमों में रंगड़ों के काटने से हुई मौत पर राहत का कोई प्रावधान नहीं है।

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