पहले पत्रकार हैं नारद जी, नारद जयंती पर जानिए जन्म से जुडी कथा
May 8th, 2020 | Post by :- | 163 Views

हर साल आने वाली नारद जयंती इस साल आज यानी 8 मई को है. आप जानते ही होंगे नारद मुनि को ब्रह्मा जी की मानस संतान माना गया है. ऐसे में यह भी सभी जानते ही हैं कि नारद जी भगवान विष्णु के परम भक्त हैं और वह संदेश का आदान-प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं नारद जी के जन्म से जुडी कथा.

नारद जी के जन्म से जुडी कथा – पौराणिक कथा के अनुसार नारद जी को बहुत तपस्या करनी पड़ी. पूर्व जन्म में नारद मुनि गंधर्व कुल में पैदा हुए थे. तब उनका नाम ‘उपबर्हण’ था. नारद जी को एक बार अपनी सुंदरता पर बहुत घमंड हो गया. एक बार कुछ अप्सराएं नृत्य कर ब्रह्मा जी को प्रसन्न करने का प्रयास कर रहीं थीं. तभी उपबर्हण (नारद) स्त्रियों के भेष में वहां पर आ गए. कहा जाता है नारद जी के इस कृत्य से ब्रह्मा जी भयंकर नाराज हो गए और उन्होंने उन्हें श्राप दे दिया कि वह ‘शूद्र योनि’ में जन्म लेंगे. वहीं इसी श्राप के चलते उपबर्हण का जन्म एक शूद्र दासी के पुत्र के रूप में हुआ और पांच वर्ष की आयु में उनकी मां की मृत्यु हो गई.

कहा जाता है मां की मृत्यु के बाद बालक ईश्वर की भक्ति में लीन रहने लगा और एक दिन जब यह बालक एक वृक्ष के नीचे ध्यान लगाकर बैठा हुआ था तभी उसे भगवान की एक झलक दिखाई पड़ी. इसके बाद उसके मन में ईश्वर को जानने और उनके दर्शन करने की इच्छा जाग गई. लगातार तपस्या करने के बाद एक दिन अचानक आकाशवाणी हुई कि इस जन्म में उस बालक को भगवान के दर्शन नहीं होंगे बल्कि अगले जन्म में उसे यह सौभाग्य प्राप्त होगा. उसके बाद अगले जन्म में यह बालक ब्रह्मा जी के ओरस पुत्र कहलाए, जो नारद मुनि के नाम से जाने जाते हैं.

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