कालसर्प योग में शुरू होगा नववर्ष 2022, श्री सर्प सूक्त पाठ से मिलेगा लाभ #news4
December 29th, 2021 | Post by :- | 159 Views
नववर्ष 2022 (New Year 2022) की शुरुआत रात्रि 12 बजे से कालसर्प योग (Kalsarp Yoga) में हो रही है। यह योग मनुष्य को जीवन में चिंताएं, परेशानियां, घुटन, कुंठा आदि से निरंतर परेशान करता रहता है। अत: जिस किसी भी जातक की जन्मपत्रिका (Janm patrika) में कालसर्प चल रहा हो, उसका जीवन अत्यंत कष्टदायी होता है।

ऐसे समय में नए साल की शुरुआत से ही अगर आप श्री सर्पसूक्त का पाठ करते हैं तो यह आपके लिए लाभदायी सिद्ध होगा। यहां पढ़ें श्री सर्प सूक्त Sarpa Suktam का संपूर्ण पाठ-

श्री सर्प सूक्त-Sarpa Suktam
ब्रह्मलोकेषु ये सर्पा शेषनाग परोगमा:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।1।।
इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासु‍कि प्रमुखाद्य:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।2।।
कद्रवेयश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।3।।
इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखाद्य।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।4।।
सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।5।।
मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखाद्य।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।6।।
पृथिव्यां चैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।7।।
सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।8।।
ग्रामे वा यदि वारण्ये ये सर्पप्रचरन्ति।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।9।।
समुद्रतीरे ये सर्पाये सर्पा जंलवासिन:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।10।।
रसातलेषु ये सर्पा: अनन्तादि महाबला:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।11।।

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