जिंदा नवजात बच्ची को कर दिया मृत घोषित
March 19th, 2020 | Post by :- | 134 Views

कमला नेहरू अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जिला कुल्लू से आई एक गर्भवती महिला के नवजात पैदा हुई तो

अस्पताल प्रशासन ने यह कहकर उसे मार्चरी में डाल दिया कि नवजात की पल्स रेट काफी ज्यादा है और यह ज्यादा देर जीवित नहीं रहेगी। यहां तक की नवजात को लपेटने के लिए कपड़ा लिया तो उसे मार्चरी में रख दिया। परिजनों के अनुसार दोपहर डेढ़ बजे उन्हें बुलाया और कहा कि नवजात की बॉडी ले जाएं और उसे दफना दें। मगर जब नवजात की नानी ने मार्चरी से नवजात को उठाया तो वहां पर रो रही थी। करीब साढ़े दस घंटे तक नवजात उसी मार्चरी में पड़ी रही। परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन को दी है।

ये बोले परिजन

कुल्लू निवासी विजय कुमार ने बताया कि उनकी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा के कारण उन्होंने नेरचौक मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया। वहां पर जब उसका बीपी 180 तक पहुंच गया तो डॉक्टरों ने उसे केएनएच अस्पताल के लिए रेफ र कर दिया। उन्होंने बताया कि बुधवार को वह केएनएच पहुंचे। रात तक जब बीपी सामान्य हुआ, तो सुबह तीन बजे डॉक्टरों ने उसका प्रसव करवा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके पास नर्स आई और कहा कि आपके जो बेटी पैदा हुई है उसकी पल्स रेट काफ ी तेज चल रही है, इसके अलावा उसका
वजन भी मात्र 800 ग्राम है। ऐसे में वह ज्यादा देर जीवित नहीं रहेगी। उन्होंने एक कागज पर साइन भी ले लिए। उसके बाद नवजात को लपेटने के लिए कपड़ा तक ले लिया। विजय ने आरोप लगाया कि तीन बजे कपड़े में लपेट कर उनकी बेटी को मार्चरी में डाल दिया गया। विजय ने बताया कि वीरवार दोपहर डेढ़
बजे जब वह अपनी पत्नी की देखभाल कर रहे थे, तो नर्सों ने उन्हें बुलाया और कहा कि आप नवजात का शव ले जाएं और उसे दफ ना दें। इस पर वह और उनकी
सास चले गए। उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने मार्चरी से नवजात को निकाला तो वह रो रही थी। उसके बाद प्रशासन ने आनन फानन में उसे वेंटीलेटर पर रख दिया। अभी नवजात ठीक है।

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