एनआइटी हमीरपुर के छात्र ने लिखा गुमनाम पत्र, संस्थान के खिलाफ लगाए ये आरोप #news4
January 7th, 2022 | Post by :- | 401 Views

हमीरपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) हमीरपुर के एक छात्र ने मीडिया के नाम गुमनाम पत्र लिखकर संस्थान की वर्तमान स्थिति के खिलाफ रोष जताते हुए इसकी जांच की मांग की है। छात्र ने पत्र में लिखा है कि वह मास्टर्स द्वितीय वर्ष का छात्र है। पत्र में लिखा गया है कि एनआइटी हमीरपुर परिसर एक नियंत्रण क्षेत्र बनकर रह गया है। वह छह साल से यहां अध्ययनरत है। छात्र के अनुसार उन्हें सितंबर, 2021 में कैंपस में बुलाया गया और सेमेस्टर के लिए तीन माह की 30150 रुपये छात्रावास फीस का भुगतान करने के लिए कहा गया जबकि कोविड से यही फीस पूरे सेमेस्टर के लिए 18000 रुपये के आसपास थी। इस दौरान सभी पीजी स्कालर्स व पीएचडी स्कालर्स को कैंपस में रहने को कहा गया था तथा सभी कोविड नियमों का पालन कर रहे थे।

छात्र के अनुसार इसके बाद 24 दिसंबर 2021 को कालेज प्रशासन ने यूजी के प्रथम से लेकर चौथे वर्ष के छात्रों को कालेज में आकर रिपोर्ट करने को कहा गया। हालांकि नए साल के बाद यह स्पष्ट था कि देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं बावजूद इसके यूजी छात्रों की रिपोर्टिंग को रद नहीं किया गया। इसके बाद सभी छात्र अपने अभिभावकों के साथ आए और कालेज परिसर में तीन-चार दिन तक काफी भीड़ जमा रही। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र कोविड पाजिटिव निकले। हद तो तब हो गई जब कालेज प्रशासन ने गत पांच जनवरी को एक और नोटिस जारी कर यूजी छात्रों को तत्काल छात्रावास खाली करने के लिए कहता है। सभी छात्रों को छात्रावास में अपना सामान रखने और कालेज से छुट्टी लेने के लिए 15 हजार रुपये की छात्रावास फीस का भुगतान करने के लिए कहा गया। छात्र के अनुसार कालेज प्रशासन में कोई एचएएस या आइएएस अधिकारी नहीं है। छात्र ने पत्र के माध्यम से पूरे मामले की जांच का आग्रह किया है।

कोरोनाकाल में संस्थान के हास्टल में रहने वाले छात्रों को संस्थान के नियमों व शर्तों का पालन करना होता है। इस पत्र के लिखने के पीछे क्या कारण है, इसकी संस्थान छानबीन कर रहा है। एनआइटी में छात्रों के कोरोना पाजिटिव आने के कारण प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने कुछ पाबंदियां लगाई हैं जिनका पालन हम सबको करना होगा तभी कोरोना से बचा जा सकता है।

-प्रो. ललित कुमार अवस्थी, निदेशक एनआइटी हमीरपुर

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