हिमाचल में नया उद्योग लगाने के लिए तीन साल तक एनओसी लेने की जरूरत नहीं
November 6th, 2019 | Post by :- | 153 Views

इन्वेस्टर मीट से एक दिन पहले उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिली है। अब कोई भी उद्योग स्थापित करने से पहले उद्योगपति को विभिन्न विभागों से आठ कानूनों के तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लेने होंगे। इस संबंध में प्रदेश सरकार के अध्यादेश को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने मंजूरी दे दी है। प्रधान सचिव विधि यशवंत सिंह चोगल ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।  हिमाचल सरकार ने इस तरह का कानून बनाने का फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया था। इसके लिए नया कानून बनाया जाना था। चूंकि कानून बनाने या इसमें बदलाव हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधेयक पारित करके या सत्र न होने की स्थिति में अध्यादेश लाकर ही किया जा सकता है, इसलिए बीच मेें विधानसभा सत्र नहीं होने के कारण राज्य सरकार को अध्यादेश लाना पड़ा है।

ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने राज्यपाल को अध्यादेश की प्रति मंजूरी को भेजी। अब राजभवन शिमला से मंजूरी के बाद यह अध्यादेश कानून बनकर प्रदेश में लागू हो गया है। भविष्य में आठ कानूनों के अलावा कई अन्य कानूनों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए भविष्य में उद्योगपतियों की मांगों पर गौर किया जाएगा।

तीन साल तक एनओसी की जगह स्वीकृति प्रमाणपत्र

अध्यादेश के लागू होने के बाद स्वीकृति प्रमाणपत्र तीन साल तक लागू होगा। अगर कोई उद्योग उससे पहले ऑपरेशन में आ जाता है, तो इसे उस वक्त तक लागू किया जाएगा। एनओसी उसके बाद ही लेने होंगे। ये स्वीकृ ति पत्र उद्योग विभाग जारी करेगा।

इन कानूनों में नहीं लेने होंगे एनओसी
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज एक्ट 1994
हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1994
हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल एक्ट 1994
हिमाचल प्रदेश फायर फाइटिंग सर्विसेज एक्ट 1984
हिमाचल प्रदेश रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट 1968
हिमाचल प्रदेश शॉप्स एंड कॉमर्शियल एस्टेबलिशमेंट एक्ट 1969
हिमाचल प्रदेश सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006
हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट 1977 

धारा-118 अध्यादेश से बाहर

निजी भूमि खरीद के लिए भू सुधार एवं मुजारियत अधिनियम की धारा-118 समेत राजस्व महकमे के अन्य मामलों में अनापत्ति प्रमाण पत्रों को लेने के मामले में यह अध्यादेश लागू नहीं होगा। यानी इससे संबंधित एनओसी अभी लेने ही होंगे।

रज्जू मार्ग संशोधन विधेयक भी मंजूर
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आकाशी रज्जू मार्ग संशोधन विधेयक  2019 को मंजूरी दे दी है। मंजूरी के साथ ही मंगलवार को यह ई गजट में प्रकाशित हो गया। इस विधेयक के पास होने के बाद प्रदेश में रोप वे की ऊंचाई भवनों, पेड़ों आदि से डेढ़ से पांच मीटर ही होगी। अभी तक इसमें मौजूद 10 मीटर की शर्त को हटा दिया गया है। रोप वे निर्माण में रुकावट डालने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

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