सेहत के लिए दूध वाली चाय से बेहतर है बगैर दूध वाली चाय: रिपोर्ट
December 31st, 2019 | Post by :- | 248 Views

भारत में बहुत कम लोग हैं जिनका दिन चाय की चुस्कियों के बगैर गुजरता है। एक बड़ी आबादी को चाय पसंद है। उन्हें सुबह उठने से लेकर रात तक कभी भी चाय की आदत होती है। यह तो सभी जानते हैं कि ज्यादा चाय पीना सेहत के लिए नुकसानदायक है, लेकिन ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दूध वाली चाय फायदा कम और नुकसान ज्यादा करती है। इसके बजाए काली चाय पी जाए तो सेहत को कई लाभ होते हैं। ‘जर्नल ऑफ कैंसर प्रिवेंशन’ के अनुसार, दूध वाली चाय के स्थान पर ब्लैक या ग्रीन टी पी जाए तो इससे कैंसर जैसे बीमारी को भी दूर रखा जा सकता है।

नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (एनसीबीआई) में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, चाय पीने के कई बड़े फायदे बताए गए हैं। जैसे यह हार्ट के लिए अच्छी होती है। कैंसर की रोकथाम में मददगार होती है। सीमित मात्रा में पीने पर शरीर में जलन कम करती है। इसमें ब्लड को शुद्ध करने वाले तत्व होते हैं। इसको पीने के बाद इन्सान आराम महसूस करता है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि इसमें दूध मिलाकर हम फायदे को नुकसान में बदल रहे हैं। चाय में दूध मिलाने से इसकी बायोलॉजिकल एक्टिविटी बदल जाती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि काली चाय पी जाए। वहीं ज्यादा शकर के कई नुकसान तो हैं हीं।

दूधवाली चाय के नुकसान
कॉफी की तरह चाय में कैफिन होता है। ज्यादा पीने के नुकसान तो हैं ही। एक दिन में दो कप से ज्यादा दूध वाली चाय पीने से स्लीप डिसऑर्डर होता है। यानी नींद गड़बड़ा जाती है। यह चाय का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट माना जाता है। इसका असर मेंटल हेल्थ पर पड़ता है और इन्सान चिड़चिड़ा होने लगता है। दूध वाली चाय के ज्यादा सेवन से पिम्पल्स आ जाते हैं। कारण, ज्यादा चाय से शरीर में गर्मी उठती है और बॉडी केमिकल्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। इसी कारण कारण पिम्पल्स उठते हैं और चेहरा बिगड़ जाता है।
ज्यादा चाय पीने से कॉन्सटिपेशन की बीमारी होती है। चाय में मौजूद थिओफिलिन शरीर को डिटॉक्सिफाइ करता है, लेकिन जब शरीर में थिओफिलिन की मात्रा बढ़ जाती है तो पानी की कमी शुरू हो जाने से कब्ज होती है।

काली चाय पीने के फायदे
अमेरिका में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, ब्लैक टी यानी काली चाय वजन घटाने और इन्सान को स्वस्थ्य रखने में सहायक होती है। इसमें प्रोबायोटिक्स तत्व होते हैं जो बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। रोज एक कप काली चाय पी जाए तो हार्ट स्वस्थ रहता है। यह चाय हार्ट की धमनियों को स्वस्थ रखती है और खून का थक्का जमने की आशंका को कम करती है। इसमें फ्लेवेनॉयड्स होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। रोज सुबह खाली पेट एक कप ब्लैक टी का सेवन किया जाए तो प्रोस्टेट, ओवेरियन और फेफड़ों के कैंसर से बचा जा सकता है। काली चाय कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करती है। इससे महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर से बचाव होता है। दूध वाली चाय की तुलना में काली चाय दिमाग के लिए ज्यादा अच्छी होती है। यह दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ्य बनाता है, जिससे याददाश्त बढ़ती है। ब्लैक टी पीने से पाचन भी सुधरता है। काली चाय पीने से जो एनर्जी मिलती है, वह दूध वाली चाय से ज्यादा होती है और इसका असर भी देर तक रहता है। इसके सेवन से त्वचा में निखार आता है। त्वचा में संक्रमण नहीं होता और झुर्रियों का असर नजर नहीं आता है।

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