एक भी बेसहारा बच्चा सरकारी सुविधाओं से न रहे वंचितः एडीसी
September 6th, 2019 | Post by :- | 167 Views

जिला प्रशासन द्वारा मैड़ी मेले के दौरान बाल सहायता एवं परामर्श केंद्र स्थापित किया गया और भविष्य में माता चिंतपूर्णी और पीर निगाह में मेलों के दौरान ऐसे सहायता केंद्र स्थापित किए जाएगें। यह जानकारी आज जिला बाल सरक्षण समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने दी।
एडीसी ने बताया कि जिला में 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक पंचायत स्तर पर दस शिविर और खंड स्तर पर दो शिविर लगाकर फोस्टर केयर योजना, बाल अधिकार, पोक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, चाईल्ड लाइन, बच्चों की देख-रेख व सरंक्षण बारे जागरूक किया गया ताकि कोई भी अनाथ अथवा बेसहारा बच्चा सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि फोस्टर केयर योजना के तहत फोस्टर मां-बाप को 2 हजार रूपए प्रतिमाह की दर से राशि और 300 रूपए की दर से बच्चे के नाम पर एफडी बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि जिला में 163 बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे हैं।
एडीसी ने बताया कि चाईल्ड लाइन के प्रचार हेतु रेलवे स्टेशन, रोटरी चौक, उपायुक्त कार्यालय स्थित प्रतीक्षा हाल, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना सहित कई अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी चाईल्ड लाइन के पोस्टर उपलब्ध करवाए गए हैं।
कई संस्थाएं दे रही बाल कल्याण में आपना योगदान
एडीसी ने बताया कि सरकार के साथ-साथ जिला में कई समाज सेवी संस्थाएं अनाथ, शोषित और उपेक्षित बच्चों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। इनमें दो पंजीकृत संस्थान प्रेम आश्रम, ऊना तथा संप्रेक्षण गृह एवं विशेष गृह समूरकलां और गैर-सरकारी संस्थान देहलां स्थित आश्रय तथा बाबू जगजीवन राम एजुकेशन चैरीटेबल ट्रस्ट मैहतपुर शमिल है। उन्होंने बताया कि यह संस्थाएं दिव्यांग अथवा विशेष बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
एडीसी ने इसके अतिरिक्त सशक्त महिला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाजिक और आर्थिक रूप सशक्त करने के लिये एक मंच प्रदान करना है।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह, जिला बाल सरक्षण अधिकारी श्याम मल्होत्रा, जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया सहित गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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