10 सितंबर को वामन जयंती, भगवान को दक्षिणावर्ती शंख से चढ़ाएं दूध
September 9th, 2019 | Post by :- | 204 Views

मंगलवार, 10 सितंबर को वामन जयंती है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर वामन प्रकोटत्सव मनाया जाता है। सतयुग में इस तिथि भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया था। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की या वामनदेव की मूर्ति की पूजा करें और दक्षिणावर्ती शंख में गाय का दूध लेकर अभिषेक करें। इस दिन चावल, दही और मिश्री का दान करना चाहिए। भगवान वामन का पूजा करें और कथा सुननी चाहिए। किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं।

ये है वामन अवतार से जुड़ी कथा

  • सतयुग में असुर बलि ने देवताओं को पराजित करके स्वर्गलोक पर अधिकार कर लिया था। इसके बाद सभी देवता भगवान विष्णु के मदद मांगने पहुंचे। तब विष्णुजी ने देवमाता अदिति के गर्भ से वामन रूप में अवतार लिया। इसके बाद एक दिन राजा बलि यज्ञ कर रहा था, तब वामनदेव बलि के पास गए और तीन पग धरती दान में मांगी।
  • शुक्राचार्य के मना करने के बाद भी राजा बलि ने वामनदेव को तीन पग धरती दान में देने का वचन दे दिया। इसके बाद वामनदेव ने विशाल रूप धारण किया और एक पग में धरती और दूसरे पग में स्वर्गलोक नाप लिया। तीसरा पैर रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा तो बलि ने वामन को खुद सिर पर पग रखने को कहा।
  • वामनदेव ने जैसे ही बलि के सिर पर पैर रखा, वह पाताल लोक पहुंच गया। बलि की दानवीरता से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे पाताललोक का स्वामी बना दिया और सभी देवताओं को उनका स्वर्ग लौटा दिया।

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