Budget चर्चा पर विपक्ष ने आंकड़ों और घोषणाओं पर घेरी सरकार #news4
March 5th, 2022 | Post by :- | 113 Views

शिमला : हिमाचल विधानसभा के बजट चर्चा पर विपक्ष ने विकास के आंकड़ों और घोषणाओं पर सरकार को घेरा। बजट पर चर्चा की शुरूआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार पर बजट के आंकड़ों के जरिए झूठ पेश कर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के आगमी वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट 8.3 संभावित होना दिखाया है, वह तथ्यों से परे है जबकि हिमाचल की ग्रोथ रेट 6.2 प्रतिशत थी।। सरकार लगातार कारोना काल में नुक्सान और आर्थिक परेशानियों की बात करती रही है लेकिन अब ऐसा क्या चमत्कार हो गया कि ग्रोथ में इतनी बड़ी छलांग लगाई है।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के बजट को आंकड़ों में हेराफेरी बताया और गलत आंकड़ों के जरिए भ्रम फैलने की कोशिश बताया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 21 फरवरी, 2022 तक बजट में 63200 करोड़ के ऋणों के बोझ होने की संभवना जताई गई है जबकि सरकार ने 6276 करोड़ के ऋण लेने की इसी महीने तैयारी कर रखी है जो महीने के आखिर तक 70 हजार करोड़ हो जाएगा। उन्होंने पूछा कि पूंजीगत व्यय के लिए 2021-22 में जो 49 फीसदी रखा गया था, इस बार वह घट कर 29 फीसदी क्यों रह गया है। बजट में किसी भी वर्ग के लिए किसी तरह की राहत देने का कोई जिक्र नहीं है। सरकार का कोई भी कर्मचारी वर्ग आज सरकार से खुश नहीं है और लगातार सालभर से अलग-अलग संग़ठन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार मंडी के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर लगातार बनाने का जिक्र कर रही है जबकि इसके लिए न तो किसी तरह की मंजूरी मिल पाई है और न स्थानीय लोग जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। सरकार अब तक एक भी नैशनल हाईवे बनना तो दूर लोगों की अधिगृहित की भूमि का पैसा एक भी व्यक्ति को नहीं दिलवा सकी है। रेलवे को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार एक भी परियोजना के लिए मैचिंग ग्रांट तक नही दे पाई है। सरकार मैचिंग ग्रांट के लिए एक भी पैसा देने में फेल हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को पैंशन न देने पर अड़ी हुई है जिसका कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे हैं और दूसरी तरफ 60 साल की आयु वालों को सरकार पैंशन देने के दावे कर रही है। उन्होंने सरकार पर पैंशन के मुद्दों पर गुमराह करने और अलग-अलग फॉर्मूला लगाते हुए इसमें भ्रम की स्थिति पैदा करने के आरोप लगाए।

विपक्ष ने आरोप लगाए कि जिस मामले में हिमाचल प्रदेश का नाम बदनाम हो रहा है, उस मामले में एक सप्ताह के भीतर किंगपिन को कोर्ट से जमानत मिल गई है। ऊना में गैर-कानूनी तरीके से चल रहे शराब कारोबार के चलते 11 लोगों की जान चली गई और मुख्य आरोपी जमानत पर रिहा हो गया है। आखिर सरकार प्रदेश के ऐसे माफियाओं को कैसे कानून की गिरफ्त में ला पाएगी। प्रदेश में आज 5856 ड्रग के मामले और 1397 रेप के मामले प्रदेश की गलत छवि पेश कर रहे हैं लेकिन सरकार कुछ करने की स्थिति में नहीं है।

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