आइजीएमसी के ट्रामा सेंटर के बाहर स्ट्रेचर पर मरीज #news4
April 7th, 2022 | Post by :- | 209 Views

शिमला : इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आइजीएमसी) में ट्रामा सेंटर के बाहर मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। यहां पर रोजाना मरीजों की भीड़ देखने को मिलती है। अस्पताल में मरीजों के लिए अनेक सुविधाएं बढ़ाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन मरीज मुश्किल से घिरे ही नजर आते हैं। ओपीडी और आपरेशन की कतार या टेस्ट करवाने के लिए ट्रामा सेंटर में बिस्तर के लिए भी जंग लड़नी पड़ रही है। अब तो अस्पताल का ट्रामा वार्ड का कमरा छोटा पढ़ने लगा है।

आइजीएमसी के पास अपना ट्रामा सेंटर नहीं है। दुर्घटना में घायल मरीजों के लिए ट्रामा वार्ड बना रखा है। इसके कारण मरीजों को ट्रामा सेंटर की गैलरी में स्ट्रेचर पर रखा जाता है। अस्पताल वार्ड में मरीजों को एक से दो दिन तक बिस्तर की सुविधा नहीं मिलती है। स्ट्रेचर पर ही लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण सड़क दुर्घटनाएं भी ज्यादा होती हैं। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में इलाज के लिए लाया जाता है, लेकिन वार्ड में जगह की कमी के चलते बाहर ही मरीज दर्द से परेशान दिखते हैं। मरीजों को तो परेशानी होती ही है साथ ही उनके साथ आए स्वजन भी खासे परेशान होते हैं। राज्यभर से पहुंचते हैं मरीज

अस्पताल से गंभीर मरीजों को कई बार पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया जाता है। राज्यभर से मरीज आने के कारण यहां की बहुमंजिला इमारतें भी अब छोटी पड़ने लगी हैं। ट्रामा सेंटर के साथ न्यू ओपीडी के भवन का अभी तक पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इसलिए मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। जल्द ही बनेगा अपना ट्रामा सेंटर, मिलेगी सभी सुविधाएं : प्रिसिपल

आइजीएमसी के प्रिंसिपल डा. सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि ट्रामा रूम में रोजाना भीड़ रहती है। सड़क हादसों व गिरने के ज्यादा मामले आ रहे हैं। इसके कारण ट्रामा सेंटर का कमरा छोटा पड़ जाता है। मरीजों के लिए नया ट्रामा सेंटर बनाकर तैयार किया जाएगा। इसके बाद मरीजों को अन्य राज्य में नहीं जाना पड़ेगा और उनकी परेशानी भी कम होगी। सभी को इलाज तो देना ही है, इसलिए बिस्तर खाली न होने तक बाहर ही इंतजार करना पड़ता है।

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