डाक्टरों की तलाश में भटकते रहे मरीज #news4
December 31st, 2021 | Post by :- | 65 Views

शिमला : प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी शिमला में शुक्रवार को लोगों को रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण इलाज के लिए भटकना पड़ा। ओपीडी में कुर्सियां खाली पडी थीं। मरीज कतार लगाकर डाक्टरों के आने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, कई मरीज व तीमारदार डाक्टरों की तलाश में अस्पताल में भटकते रहे।

आइजीएमसी में आधे डाक्टर छुट्टी पर हैं। रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल में मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। आइजीएमसी में शिमला ही नहीं बल्कि राज्यभर से लोग आते हैं। मरीज जल्दी इलाज करवाने के लिए अस्पताल में सुबह ही पहुंच जाते हैं लेकिन शुक्रवार को ओपीडी शुरू नहीं हुई। अन्य जिलों से आए मरीजों के पास घर लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई साधन नहीं था। डाक्टरों की हड़ताल कब खत्म होगी. इसकी सूचना भी नहीं थी।

मरीज बिना इलाज के परेशान थे। वहीं, तीमारदार मरीज को घर ले जाएं या फिर डाक्टरों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार करें, इस पसोपेश में थे। उन्हें घर जाने के लिए भी देर हो रही थी और उनकी बसें जा रही थीं। कई मरीज बिना चेकअप करवाए ही घर लौट गए। आइजीएमसी में 50 प्रतिशत डाक्टर छुट्टी पर हैं। इस कारण रेजिडेंट डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन बजे तक अस्पताल में व्यवस्था चरमराई रही। दोपहर तीन बजे के बाद आइजीएमसी के रेजिडेंट डाक्टरों ने हड़ताल वापस ली। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। आइजीएमसी में इससे पहले रेजिडेंट डाक्टरों को नियमित सेवा नहीं दी जा रही थी। हालांकि डाक्टरों ने आपातकालीन सेवाएं देना जारी रखा था। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आई। हड़ताल वापस लेने के बाद डाक्टरों ने ओपीडी में जाकर मरीजों को देखना शुरू किया। डाक्टर बोले, सरकार हितों का ध्यान रखे

आरडीए के पदाधिकारी डा. माधव व डा. मनोज ने कहा कि केंद्रीय कार्यकारिणी की केंद्र से हुई बैठक के बाद हड़ताल वापस ली गई है। मरीजों को परेशान करने की मंशा नहीं है। डाक्टरों के हितों व सुरक्षा को सरकार व प्रशासन को ध्यान में रखना चाहिए।

रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल खत्म होते ही अस्पताल में सभी को सुविधा मिल रही है। ओपीडी में शुक्रवार सुबह दिक्कत थी लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई थी।

-डा. जनक राज, एमएस, आइजीएमसी शिमला

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