रिस्वत लेने पर पटवारी को 5 वर्ष की जेल
November 7th, 2019 | Post by :- | 212 Views

बिलासपुर जिला सत्र एवं विशेष न्यायाधीश राकेश चौधरी ने जिला न्यायवादी एंव विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज के तेजतरार बहस व जिला न्यायाधीश नारायण सिंह चैहान के ठोस सबूतों को पेश करने पर सुरेश कुमार चोपड़ा पटवारी ,जो वर्तमान में कानूनगो हैं, को 5 साल का कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
30 अक्तूबर, 2015 को खजाना राम गांव सैलही तहसील सुंदरनगर जिला मंडी हिमाचल प्रदेश की शिकायत पर एफआईआर नंबर 2/2015 थाना बिलासपुर में दर्ज हुई थी। उन्होने बताया कि जिसके तथ्य
यह थे कि शिकायतकर्ता की बेटी रीना देवी की शादी सुनील कुमार पुत्र गुलाब राम गांव हरनोडा जिला बिलासपुर के साथ हुई थी, जिसमें इनके दामाद 15 सितम्बर, 2015 को पैर फिसलने से हाटकोटी पब्बर नदी में बह गया था जिसमें
उसकी मृत्यु हो गई थी। जिसने अपना एक ट्रक नंबर एचपी 24सी-3939 डाल रखा था जो बरमाणा यूनियन में सीमेंट ढोने के लिए लगाया था। उस वजह से ट्रक के दस्तावेज व बैंक का खाता रीना देवी के नाम ट्रांसफर कराने के लिए जायज वारसान प्रमाण पत्र चाहिए था, जिस पर शिकायतकर्ता अपनी बेटी को लेकर दोषी पटवारी सुरेश चोपड़ा पुत्र रतन लाल चोपड़ा गांव मतवाना तहसील घुमारवीं

जिला बिलासपुर पटवारी पटवार सर्कल धौनकोठी के पास गए तो शिकायतकर्ता ने मृतक सुनील कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र पटवारी के पास पेश किया तथा उसकी विरासत चढ़ाकर जायज वारसान प्रमाण पत्र देने को कहा तो दोषी पटवारी उन्हें इस काम के लिए चार-पांच दिन तक बुलाता रहा। जब शिकायतकर्ता पुनः 29 अक्तूबर, 2015 को पटवारी के पास पटवारखाना गया तो दोषी ने मृत्यु प्रमाण पत्र का इंद्राज अपने रजिस्टर में कर लिया तथा कहा कि मैं कानूगो से भी
हस्ताक्षर करवा लूंगा तथा इस काम को करने के लिए 4 हजार रूपए की मांग की।
जिस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है तब पटवारी ने कहा कि कल सुबह 11 बजे बामटा में जहां से चांदपुर की तरफ सड़क जाती है वहां पर मिलो तथा अपनी बेटी को भी साथ लेकर आओ और वहां मुझे पैसे दे देना। उसके बाद मैं तहसीलदार से काम करा दूंगा। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह रिश्वत नहीं देना चाहता था जिस पर वह भ्रष्टाचार विरोधी थाना बिलासपुर गया और वहां थाना प्रभारी उप अधीक्षक तरणजीत सिंह के पास शिकायत दर्ज करवाई थी

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