केसर की नकली खेती से लुट रहे लोग … #news4
March 3rd, 2022 | Post by :- | 247 Views

केसर की नकली खेती से लुट रहे लोग

नकली केसर के नाम पर ठगी का धंधा जोरों पर है। हिमाचल प्रदेश में भी गाहे बगाहे लोग ऐसी गैलरी तलाश कर लेते हैं जिससे, इस गोरखधंधे को चलाया जा सके। आजकल मीडिया के कुछ लोगों से मिलकर यह धंधा चलाने की कोशिश की जा रही है।


असली केसर (Saffron) के नाम पर किसानों को, कुसुम (Safflower) की खेती के लिए उकसाने की कोशिश की जाती है, जो वास्तव में केसर होती ही नहीं है। इसे अमरीकन केसर का नाम देकर, किसानों को धोखे में लाने की भरपूर कोशिश होती है। वास्तव में यह कुसुम की खेती है, कुसुम, रिफाइंड तेल बनाने के काम आता है #EyewitnessNewsHimachal

मीडिया के माध्यम से झूठ फैसला जाता है कि हिमाचल के उस किसान नें एक वीघा में केसर उगाकर लाखों कमा लिए. जो महज छलावा होता है। कृषि विभाग के अधिकारी कई वर्षों से लोगों को समझा रहे हैं कि यह केसर नहीं होती, मगर फिर भी कुछ किसान, मीडिया के दुष्प्रचार से फंस जाते हैं।
ये कुसुम के फूल होते हैं, मध्य प्रदेश, राजस्थान के हजारों किसानों नें कुछ वर्षों पूर्व इसकी खेती की, और बर्बाद हो गए, क्योंकि यह बिक नहीं पाती। इसके बीज मध्यप्रदेश में महज 40 से 60 रू किलो मिलते हैं, मगर हिमाचल प्रदेश में 49हजार से 60हजार रू प्रति किलो बेचने के लिए यह सारा दुष्प्रचार किया जाता है कि यह केसर है।

असली केसर की खेती सिर्फ कश्मीर में होती है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और लाहुल स्पिती के कुछ हिस्सों में इसके सफल ट्रायल किए गए हैं। हो सकता है इन दो जिलों में, भविष्य में केसर की खेती हो सके। केसर के बीज नहीं होते, कंद होते हैं । इसलिए ध्यान रखें, दुष्प्रचार में फंसकर कहीं आप भी अपना, धन न लुटा दें। #EyewitnessNewsHimachal

( हिमाचल में केसर की खेती से किसान ने कमाए कई लाख) यह दुष्प्रचार महज इसलिए किया जाता है, ताकि लोग, लालच में आकर उस किसान तक पहुंचें और वह 40 रू के नकली केसर के बीज को, 40हजार में बेच सके.

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