हनुमानजी से नाराज हैं.. द्रोणागिरी के लोग …
April 21st, 2020 | Post by :- | 183 Views

रामायण में युद्ध के दौरान , जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो गये, तो संजीवनी लाने का जिम्मा हनुमानजी को सौंपा गया।
अब हनुमान संजीवनी की तलाश में निकले थे। आप जानते हैं हनुमान ये संजीवनी कहाँ से लाए थे?
ये तो आपने सुना होगा कि वे हिमालय से लाए थे और पूरा पहाड़ ही उठा कर ले आए थे.

अब जानिए उस गाँव के बारे में जहाँ से हनुमान ये पर्वत लाए थे.

इस गाँव का नाम है द्रोणागिरी. उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित है. इस गांव में आज भी हनुमान की पूजा नहीं होती.

गांव के लोग सदियों से पर्वत देवता को पूजते हैं. पर्वत देवता यानी द्रोणागिरी पर्वत. माना जाता है कि द्रोणागिरी वही पर्वत है जहां से हनुमान संजीवनी बूटी ले गए थे.

गाँव वालों का मानना है कि संजीवनी के साथ हनुमान जो पहाड़ उखाड़ ले गए, वह असल में उनके पर्वत देवता की एक भुजा थी. इसलिए गाँव के लोग आज तक हनुमान से नाराज़ हैं.

रोचक बात है कि यहां जो रामलीला भी होती है उसमें से हनुमान का पूरा प्रसंग ही ग़ायब कर दिया जाता है. न गाँव में हनुमान जी का कोई झंडा लगता है, न तस्वीर और न उनकी पूजा होती है.

दिलचस्प यह भी है कि लोग राम जी की आराधना करते हैं, लेकिन हनुमान का जिक्र नहीं करते हैं. असल में यह विविधता और इसकी स्वीकार्यता ही इस देश की आत्मा है..

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