पितृ पक्ष / अगर किसी की मृत्यु तिथि मालूम न हो तो किस दिन कर सकते हैं उसका श्राद्ध कर्म
September 18th, 2019 | Post by :- | 363 Views

अभी श्राद्ध यानी पितृ पक्ष चल रहा है। इन दिनों में मृत लोगों का तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म किया जाता है। हर साल आश्विन मास के कृष्ण में पितृ पक्ष आता है। इस साल 13 से 28 सितंबर तक पितृ पक्ष रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार व्यक्ति की मृत्यु जिस तिथि पर होती है, उसका श्राद्ध उसी तिथि पर किया जाता है। जानिए अगर किसी मृत व्यक्ति की मृत्यु तिथि मालूम न हो तो उसका श्राद्ध किस तिथि पर किया जा सकता है…
आश्विन कृष्ण पंचमी (19 सितंबर)
अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई हो तो उसका श्राद्ध पितृ पक्ष की पंचमी तिथि पर करना चाहिए।
आश्विन कृष्ण नवमी (23 सितंबर)
इस तिथि पर उस महिला का श्राद्ध करना चाहिए, जिसकी मृत्यु उसके पति से पहले हुई हो यानी पति के जीवित रहते जिस स्त्री की मृत्यु होती है, उसका श्राद्ध नवमी तिथि पर करना चाहिए। इस तिथि पर परिवार की सभी मृत महिलाओं के लिए श्राद्ध किया जा सकता है।
आश्विन कृष्ण एकादशी (24 सितंबर)
पितृ पक्ष की एकादशी तिथि पर उन लोगों के लिए श्राद्ध करना चाहिए, जो संन्यासी हो गए थे।
आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (26 सितंबर)
मृत बच्चों का श्राद्ध पितृ पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है।
आश्विन कृष्ण चतुर्दशी (27 सितंबर)
इस तिथि में उन लोगों के लिए श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी शस्त्र से हुई हो, आत्म हत्या की हो, जहर के कारण हुई हो या दुर्घटना में हुई हो यानी जिन लोगों की अकाल मृत्यु होती है, उनके लिए इस तिथि पर श्राद्ध किया जाता है।
सर्वपितृमोक्ष अमावस्या (28 सितंबर)
ये पितृ पक्ष की अंतिम तिथि है। यदि पूरे पितृ पक्ष में किसी का श्राद्ध करना भूल गए हैं या मृत व्यक्ति की तिथि मालूम नहीं है तो इस तिथि पर उनके लिए श्राद्ध किया जा सकता है।

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