PM MODI LIVE – देश में लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा , 20 अप्रैल के बाद मिल सकती है सशर्त छूट , पढ़ें क्या-क्या बोले …
April 14th, 2020 | Post by :- | 183 Views

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित करते हुए कोरोना की स्थिति को लेकर बातें कहीं । इस दौरान  उन्होंने ऐलान किया कि कोरोना की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें 3 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाना पड़ रहा है । इस दौरान उन्होंने देशवासियों से अपील की कि जिस तरह उन्होंने पिछले 21 दिन पूरा समर्थन देते हुए कोरोना को बढ़ने से रोकने में अहम योगदार दिया है , उससे ज्यादा सावधानी से अब हमें रहना होगा । देश में नए हॉटस्पाट न बनें , नए संकट पैदा न हों , इसके लिए अगले 1 सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी । 20 अप्रैल तक हर कस्बे , थाने , जिले राज्य को बारीकि से परखा जाएगा , कहां नियमों का कितना पालन हो रहा है , किस राज्य , किस जिले ने इन नियमों का जितना पालन किया होगा , जो अपने यहां हॉटस्पाट नहीं बनने देंगे , वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी काम की छूट दी जा सकती है । लेकिन यह अनुमति सशर्त होगी , बाहर निकलने के नियम बहुत सख्त होंगे । अगर लॉकडाउन के नियम टूटे या कोरोना का पैर आपके इलाके में पड़े तो सभी छूट वापस ले ली जाएगा , ऐसे में न तो खुद कोई लापरवाही करनी है , न दूसरे को करने देना है । इस बार में बुधवार को एक विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी ।

असल में पीएम मोदी ने अपने इस संबोधन में कहा – कोरोना महामारी के खिलाफ देश  की लड़ाई तेजी से आगे बढ़ रही है , आप सभी देशवासियों की तपस्या , आपका इस त्याग से हम कोरोना के महाप्र्भाव को कम करने में सफल रहे हैं । इस दौरान देशवासिोयं को कई तरह की परेशानियां हुई हैं । किसी को घऱ आने -जाने की परेशानी हुई है , लेकिन आप देश की खातिर , देश के अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। हमारे संविधान में , WE THE PEOPLE की बात लिखी गई है , जो बाबा अंबेडकर की जयंति पर अपनी सामुहिक शक्ति का प्रदर्शन हम उन्हें समर्पित करते हैं ।

मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहेब को नमन करता हूं , साथियों ये देश के अलग अलग राज्यों में त्योहारों का समय है । भारत वैसे भी उत्सवों का देश है । लॉकडाउन के बंधनों के बीच हम लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं , जितने संयमित तरीके से हम अपने त्योहार मना रहे हैं , ये सभी बातें प्रेरक और प्रशंसा के योग्य है । मैं नव वर्ष पर देशवासियों के स्वस्थ होने की कामना करता हूं ।

अन्य देशों के मुकाबले , भारत ने कैसे अपने यहां कोरोना के वायरस को रोकने के प्रयास किए हैं , इसके आप सहभागी भी रहे हैं और साथी भी । भारत में कोरोना का जब एक भी केस नहीं था उससे पहले ही हमने विदेश से आने वाले हर यात्री के लिए 14 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य कर दिया था । इसके साथ ही कई जगहों को बंद कर दिया गया था । साथियों जब हमारे यहां 550 केस थे , तभी भारत ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान कर दिया था । भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया । भारत ने जैसे ही समस्या बढ़ी , सरकार ने तेजी से फैसले लेते हुए अहम निर्णय लिए इस समय भारत की अन्य देशों से तुलना करना ठीक नहीं , लेकिन कुछ सच्चाई को हम नकार नहीं सकते , लेकिन यह भी सच्चाई है कि दुनिया की महाशक्तियां अगर कोरोना से जूझ रहे हैं , तो उनकी तुलना में भारत बेहतर स्थिति में है । कुछ समय पहले कई देश कोरोना के मामलों में भारत से बराबर थे , लेकिन आज उनके यहां मामले 25 से 30 गुना मामले बढ़ गए हैं , हजारों लोगों की दुखद मौत हो गई है । भारत ने अगर इस तरह की अप्रोच न अपनाई होती , समय पर तेज फैसले न लिए होते तो आज हम भारत की स्थिति की कल्पना करने से भी डरते हैं ।

बीते अनुभवों से साफ है कि हमने जो रास्ता चुना वो आज की स्थिति में हमारे लिए सही था । सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का बहुत बड़ा लाभ भारत को मिला है । अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो यह महंगा लगता है , लेकिन भारत वासियों की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती । सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है , उस मार्ग की चर्चा आज दुनिया भर में होना स्वभाविक है । देश की राज्य सरकारों ने कई संस्थाओं के साथ जिम्मेदारी का काम 24 घंटे किया है । जिससे हालात सुधरे भी हैं।

बावजूद इसके कोरोना जिस तरह से फैल रहा है , उससे दुनिया और ज्यादा सतर्क हो गई है , भारत में बी कोरोना पर विजय कैसे पाई जाए , नुकसान कैसे कम हो , लोगों की दिक्कतें कम कैसे हों , इसको लेकर राज्यों के साथ चर्चा हुई , जिसमें सबके सुझाव यही आए कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए  । कई राज्यों ने लॉकडाउन को पहले से ही और बढ़ा दिया है ।

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