फर्जी डिग्री मामला, पुलिस ने जब्‍त किया ऊना के निजी विश्‍वविद्यालय का रिकॉर्ड, तीन युवतियां निशाने पर
March 11th, 2020 | Post by :- | 161 Views

फर्जी डिग्री मामले में जिले के एक प्रमुख शिक्षण संस्थान का रिकाॅर्ड पुलिस ने कब्जे में लिया है। ऑनलाइन शिकायत के आधार पर तथा बाद में एक मामले में इस संस्थान का नाम सामने आने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। हरोली पुलिस ने इस मामले में रिकाॅर्ड जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने एक शिकायत के बाद कार्रवाई की है। बताया जा रहा है संस्‍थान ने तीन युवतियों को नौकरी पर रखा था और उनकी नियमित हाजिरी भी लग रही थी व तय समय के बाद उन्‍हें डिग्री जारी कर दी गई। विधानसभा में सीएम जयराम ठाकुर ने भी इसका जिक्र किया था, इसके बाद पुलिस ने संस्‍थान में दबिश देकर रिकॉर्ड जब्‍त किया है।

हरोली पुलिस की एक टीम इंस्पेक्टर रमन कुमार के नेतृत्व में इस संस्थान में पहुंची थी और करीब तीन घंटों तक जरुरी रिकाॅर्ड को कब्जे में लेने की कार्रवाई की गई। इस मामले को एक विश्वविद्यालय में हुई डिग्री के फर्जीवाड़े मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है और दूसरी ओर से इस मामले में कार्रवाई को एक शिकायत के आधार पर किया गया बताया जा रहा है।

हालांकि इस संबंध में पुलिस अभी तक कुछ भी बताने में परहेज कर रही है। उधर हरोली के इस संस्थान में कार्रवाई की पुष्टि स्थानीय लोगों द्वारा जरुर की गई है। इससे पहले भी जिले में एक मामले में सीबीआइ ने भी फर्जी डिग्री के मामले में विश्वविद्यालय के नाम पर लोगों से ठगी किए जाने के मामले में संस्थान का रिकाॅर्ड जब्त किया था। तीन कमरों में चल रहे उस शिक्षण संस्थान का कुछ अतिरिक्त रिकॉर्ड कब्जे में लेने के बाद सीबीआइ के डीएसपी बलबीर शर्मा की अगुवाई में इंस्पेक्टर वीरेंद्र कश्यप व पंकज अरोड़ा पर आधारित टीम जांच करने पहुंची थी।

उस मामले में भी कई छात्रों व संस्थान से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। इंजीनियरिंग की डिग्री भी कराई जा रही थी। कुछ ऐसे भी छात्र हैं जिन्हें मालूम ही नहीं कि वे इंजीनियर तक बन चुके हैं। यह सब खेल सरकार की आेर से विशेष जाति वर्ग को मिलने वाली केंद्र की छात्रवृति को हड़प करने के लिए हो रहा था। यहां तक कि इंजीनियर बन चुके छात्रों को उनके सिलेबस तक की जानकारी नहीं थी। हैरानी की बात तो यह है कि यह नेटवर्क हिमाचल के अलावा पंजाब तक भी चल रहा था।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।