चम्बा : जच्चा-बच्चा कार्ड न दिखाने पर अस्पताल से वापस भेजी गर्भवती महिला, रास्ते में हुई डिलीवरी #news4
July 30th, 2022 | Post by :- | 102 Views

चम्बा : जच्चा-बच्चा कार्ड न होने पर प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला को मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में दाखिल नहीं किया। इसके चलते महिला घंटों दर्द से कराहती रही। थक-हार कर परिजन उसे वापस घर ले जा रहे थे कि रास्ते में महिला का प्रसव हो गया और उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इससे मेडिकल काॅलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल काॅलेज प्रबंधन की लापरवाही के कारण गर्भवती महिला की जान पर बन आई लेकिन उसके दर्द को किसी ने नहीं समझा। दर्द से कराहती हुई महिला जब पैदल ही बस स्टैंड पहुंची तो वहां मौजूद लोग महिला की हालत देखकर अस्पताल प्रशासन को कोसते हुए नजर आए।

जानकारी के अनुसार शनिवार को मैहला क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को प्रसव करवाने के लिए मेडिकल काॅलेज चम्बा लाया गया। यहां तैनात स्टाफ ने उन्हें जच्चा-बच्चा कार्ड दिखाने को कहा लेकिन उनके पास कार्ड नहीं था। इसके चलते न तो महिला को दाखिल किया गया और न ही उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। परिजनों के मिन्नतें करने पर भी मेडिकल काॅलेज प्रशासन को दया नहीं आई, जिसके बाद परिजन मजबूरन गर्भवती को निजी गाड़ी हायर कर घर वापस ले जा रहे थे। जब गाड़ी मैहला पुल के पास पहुंची तो महिला का गाड़ी में ही प्रसव हो गया और उसने शिशु को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है। दोनों को घर ले जाया गया है। चम्बा से गर्भवती महिला को मैहला ले जाने वाले टैक्सी चालक जाकिर हुसैन उर्फ छोटू ने इस दौरान उक्त परिवार की काफी मदद की।

वहीं महिला पिंकी के पति दयानंद ने बताया कि डिलीवरी की तारीख अगले सप्ताह तक डाली गई थी। दर्द होने के चलते वह अपनी पत्नी को मेडिकल काॅलेज चम्बा ले गया लेकिन यहां गर्भवस्था के दौरान बनाई जाने वाली टीकाकरण की कॉपी न होने पर उसकी पत्नी का न तो उपचार किया गया और न ही उसे दाखिल किया गया। हालांकि कॉपी बनाई गई थी लेकिन जल्दबाजी में वह कहीं गुम हो गई थी, जिसके बारे मे मेडिकल काॅलेज में तैनात स्टाफ को बता दिया था। वहीं मेडिकल काॅलेज के चिकित्सा अधीक्षक देवेंद्र से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं है।

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