Curfew में ऑनलाइन शिक्षा के साथ अब रेडियो और टीवी में पढ़ने की तैयारी
April 13th, 2020 | Post by :- | 139 Views

शिक्षा विभाग ऑनलाइन शिक्षा के साथ टीवी और रेडियो के जरिये भी विद्यार्थियों को पढ़ाएगा। इसके लिए प्रारंभिक और उच्चतर शिक्षा विभाग ने रेडियो और टीवी (दूरदर्शन व ऑल इंडिया रेडियो) से स्लॉट लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने कर्फ्यू के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के लिए वाट्सएप ग्रुप बनाने का काम शुरू किया है। इस दौरान सामने आया है कि प्रदेश में 60 से 70 फीसद अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। इन विद्यार्थियों तक पाठ्य सामग्री पहुंचाने के लिए अब रेडियो और टीवी का सहारा लिया जाएगा। प्रदेश में 10,650 प्राइमरी, पांच हजार मिडल और 2798 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें आठ लाख 40 हजार के करीब विद्यार्थी हैं। पांच लाख छात्र पहली से 8वीं तक के शामिल हैं।

प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने नौ अप्रैल को ई-पाठ्यक्रम का ट्रायल शुरू किया था। पहले दिन वाट्सएप ग्रुप बनाने के बाद 36 हजार छात्रों को वीडियो मैसेज भेजा। दूसरे दिन 48 हजार नए विद्यार्थी ग्रुप में जोड़कर उन्हें मैसेज भेजा। वाट्सएप ग्रुप बनने के बाद ‘10 से 12 हर घर बने पाठशाला’ अभियान 16 अप्रैल से पूरी तरह शुरू हो जाएगा। कुछ वीडियो ट्रायल आधार पर भेजे जा रहे हैं, जिन बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं उनके लिए टीवी व रेडियो के माध्यम से पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है।

ई-पाठ्यक्रम तैयार है। कई बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। उनके लिए दूसरे विकल्प के तौर पर रेडियो व टीवी के माध्यम से कक्षाएं लगाने पर विचार किया जा रहा है।

-डॉ. अमरजीत, निदेशक उच्चतर शिक्षा।

सभी विषय नहीं पढ़ाए जाएंगे

ऑनलाइन या फिर रेडियो व टीवी पर केवल कुछ विषय ही पढ़ाए जाएंगे। नौवीं व दसवीं कक्षा में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी व संस्कृत विषय पढ़ाए जाएंगे। 11वीं व 12वीं के बच्चों को विज्ञान संकाय के सभी विषय, आर्ट्स में अंग्रेजी, गणित व कॉमर्स में अकाउंट और अर्थ शास्त्र पढ़ाया जाएगा। पहली से आठवीं तक भी मुख्य विषय ही पढ़ाए जाएंगे।

टीवी-रेडियो से ऐसे होगी पढ़ाई

शिक्षा विभाग ने ई-पाठ्यक्रम तैयार किया है। जैसे शिक्षक कक्षा में पढ़ाते हैं उसी तर्ज पर वीडियो तैयार किए हैं। कक्षा व विषयवार ये वीडियो बनाए हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक यदि रेडियो और टीवी पर स्लॉट मिल जाता है तो उस पर इन वीडियो और ऑडियो को चलाया जाएगा। बच्चों को चैनल नंबर और रेडियो की फ्रिक्वेंसी बताई जाएगी। कितने बजे क्लास लगेगी इसका समय भी बताया जाएगा। इग्नू की तर्ज पर यह कक्षाएं चलेगी। विभाग का कहना है कि टीवी पर देखकर बच्चे ज्यादा जल्दी समझते हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।