2500 एसएमसी शिक्षकों के लिए नीति बनाने की तैयारी, हाई पावर कमेटी की बैठक पर टिकीं नजरें #news4
November 30th, 2021 | Post by :- | 69 Views

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे करीब 2500 एसएमसी शिक्षकों के लिए नीति बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। दो दिसंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में इस बाबत फैसला होने के आसार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल की ओर से भी उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को पत्र भेजकर इन शिक्षकों के लिए नीति बनाने का आग्रह किया है। प्रो. धूमल ने लिखा है कि एसएसमसी शिक्षक बीते कई वर्षों से प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों सेवाएं दे रहे हैं। सरकार को इनके भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए।

तत्कालीन धूमल सरकार के समय ही एसएमसी शिक्षकों की सरकारी स्कूलों में नियुक्तियां हुई थीं। उधर, दो दिसंबर को होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक पर हजारों शिक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक में भाषा शिक्षकों और शास्त्री को टीजीटी पदनाम देने का फैसला भी हो सकता है। इसके अलावा शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों की लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नितयों के मामले को लेकर भी चर्चा होने के आसार हैं। बुधवार को शिक्षा विभाग की ओर से हाई पावर कमेटी की बैठक को लेकर एजेंडा फाइनल किया जाएगा।

पेंशन मामले से सरकार से एसएलपी वापस लेने की मांग
वहीं, हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रधान केसर सिंह ने सरकार से आग्रह किया है कि सरकार ने जो पेंशन न देने संबंधी एसएलपी कोर्ट में दायर की है उसे शीघ्र वापस लिया जाए। संघ के प्रांतीय प्रेस सचिव राजन शर्मा ने बताया कि 2003 से पूर्व लगे अनुबंध प्रवक्ताओं के व अन्य शिक्षकों के पक्ष में हाईकोर्ट का पेंशन देने संबंधी फैसला आया था जो आज तक लागू नही हुआ है। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में एसएलपी दायर की है। प्रवक्ता संघ ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले वर्षों तक अपनी लड़ाई न्यायालय में लड़ कर कोर्ट से जीत हासिल की, उसके बावजूद सरकार ने फैसले को लागू नही किया। संघ ने सरकार से आग्रह किया है सरकार एसएलपी को कर्मचारियों के हित में तुरंत वापिस लेकर फैसले को लागू करे।

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