शराब ठेकेदारों से नहीं लिए जाएंगे संपत्ति कागजात
March 9th, 2020 | Post by :- | 142 Views

नई आबकारी पॉलिसी में बदले प्रावधान, आठ फीसदी डिपॉजिट राशि, आठ प्रतिशत बैंक गारंटी
शिमला- शराब ठेके का नवीकरण करवाने वाले ठेकेदारों से संपत्तियों के कागजात लेने पर रोक लगा दी गई है। कोई भी शराब ठेकेदार अब अपनी जमीन या फिर मकान आदि के कागजात रहन के रूप में नहीं दे सकेंगे। पहले विभिन्न दस्तावेजों को देकर ठेकेदार विभाग को गुमराह करते रहे हैं, क्योंकि कई लोग जाली दस्तावेज ही दे देते थे, लिहाजा बाद में प्रॉपर्टी अटैच नहीं हो पाती थी और मामले अदालतों में पहुंचते रहे हैं। ऐसे में नई आबकारी नीति में सरकार ने प्रावधान कर दिया है कि अब संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे।-ठेकेदार केवल आठ फीसदी की बैंक गारंटी देंगे और आठ फीसदी राशि उन्हें पहले डिपोजिट करवानी होगी। यानी जितनी राशि में शराब ठेके का नवीकरण होगा, उसकी आठ फीसदी राशि पहले बैंक में डिपॉजिट करवा दी जाएगी और साथ ही आठ फीसदी राशि की बैंक गारंटी देनी होगी, ताकि बाद में बैंक उसके लिए जिम्मेदार हो और विभाग को पैसा वसूल करने में कोई दिक्कत पेश न आए। यह कड़ा प्रावधान इस बार लागू हो रहा है और 11 से 13 मार्च तक शराब ठेकों के नवीनीकरण का समय दिया गया है। इसके साथ शराब ठेकेदारों को चार फीसदी नवीकरण फीस भी चुकता करनी होगी, जिसके बाद शराब ठेके का नवीकरण होगा। उपरोक्त शर्तों को पूरा करने वाले ठेकेदार को ही अब शराब का ठेका हासिल हो सकेगा। लंबे समय से आबकारी एवं कराधान विभाग कानूनी पचड़ों में पड़ा हुआ है। अभी उसे काफी बड़ी राशि ठेकेदारों से वसूल भी करनी होगी, जो कि सालों से लिटिगेशन में पड़ी हुई है, क्योंकि शराब ठेकेदार संपत्तियों के जाली दस्तावेज देते रहे हैं और जब संपत्ति अटैच करने की बात आती है, तो वह संपत्ति कहीं और गिरवी होती है या फिर ऐसा कोई दूसरा मामला होता है। इन हालातों में आबकारी कराधान विभाग को तो दिक्कत है ही वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान होता है। ऐेसे में सरकार ने कड़ा निर्णय लिया है कि अब संपत्तियां गिरवी न रखकर बैंक गारंटी व डिपोजिट के आधार पर ही ठेका दिया जाएगा। राज्य में दो हजार से ज्यादा शराब ठेके हैं, जिनसे सरकार ने अगले वित्त वर्ष में कमाई का टारगेट 1825 करोड़ के आसपास का रखा है। इस साल 31 मार्च तक सरकार को 1625 करोड़ रुपए की आमदनी होने की पूरी उम्मीद है। अब देखना होगा कि नया नियम शराब ठेकेदारों को कितना माफिक बैठता है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।