हिमाचल में गोवंश संरक्षण को अब शराब की हर बोतल पर मिलेंगे इतने रुपये, नई नीति में किया प्रावधान
February 22nd, 2020 | Post by :- | 171 Views
जयराम मंत्रिमंडल से मंजूर वित्त वर्ष 2020-21 की नई आबकारी नीति में शराब को सस्ता करने के साथ ही गोवंश संरक्षण को बढ़ावा देने पर भी फोकस रहेगा। इसके तहत प्रदेश में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर डेढ़ रुपये का सेस अब गोवंश संरक्षण के लिए लगेगा। नए वित्त वर्ष में शराब की करीब नौ करोड़ बोतल बिकने का अनुमान है। इसे देखते हुए सरकार को शराब की बिक्री से करीब साढ़े तेरह करोड़ रुपये की राशि जुटने का अनुमान है। इस बड़ी धनराशि का उपयोग प्रदेश में गोवंश संरक्षण की मुहिम को गति देने के लिए किया जाएगा। प्रमुख सचिव आबकारी संजय कुंडू ने शराब पर गोवंश संरक्षण सेस बढ़ाने की पुष्टि की है।

बता दें, जयराम सरकार के सत्तासीन होने के बाद पहली बार प्रदेश में शराब से गो सेवा को लिंक किया गया था। सरकार ने फैसला लिया था कि शराब की हर बोतल की बिक्री से होने वाली आय में गोवंश संरक्षण के अलावा एंबुलेंस और स्थानीय निकाय पर एक-एक रुपये खर्च किया जाएगा।

पहले साल तो सरकार कुछ खास काम नहीं कर पाई, लेकिन दूसरे साल इन मदों में आई राशि को खर्च करने की शुरुआत की गई है। इस पैसे को आबकारी विभाग सरकार के खजाने में जमा करेगा, जहां से जरूरत के हिसाब से अन्य संबंधित महकमे पैसे का उपयोग कर सकेंगे।

चुनिंदा स्थलों में स्टार रेटेड होटलों में ही मिलेगी देर रात तक शराब 

नई नीति के अनुसार प्रदेश के सिर्फ चुनिंदा पर्यटन स्थलों में स्थित स्टार रेटेड होटलों में देर रात तक शराब की बिक्री हो सकेगी। यह वे स्थल होंगे, जिन्हें सरकार ने नामित पर्यटन स्थल का दर्जा दिया है। इनमें कसौली, मनाली, डलहौजी, धर्मशाला, सांगला और शिमला शहरी जैसे एक दर्जन क्षेत्र शामिल हैं। बता दें, हरियाणा ने शर्तों के साथ शराब की बिक्री तीन बजे तक और यूपी ने चार बजे तक करने की अनुमति दी है।

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