प्रचार व जानकारी हो ऐसी की खींचा चला आए पर्यटक: विपुल प्रकाश #news4
September 20th, 2022 | Post by :- | 70 Views

धर्मशाला : पर्यटन विकास के लिए तकनीकी से जुड़ना बहुत जरूरी है। आज देश तकनीक में बहुत आगे निकल चुका है। इसलिए इस तकनीक को पर्यटन के प्रचार प्रसार में प्रयोग करने से पर्यटन विकास को रफ्तार मिलेगी। धर्मशाला में हुए पर्यटन मंत्रियों की राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन पर्यटन विकास में तकनीक के उपयोग को आयोजित सत्र में मेक माइ ट्रिक के चीफ आपरेटिंग आफिसर विपुल प्रकाश ने तकनीक पर सुझाव दिए। उन्होंने पर्यटन से जुड़े लोगों को अपने कार्यप्रणाली में बदलाव लाने होंगे। उन्हें चाहिए कि वह अपने वेबसाइट नियमित ताैर पर अपडेट करें।

इसके अलावा वेबसाइट में पुराने दौर के फोटो अपलोड करने से बचें, जिन्हें देखकर पर्यटन ऊब चुके हैं। इसलिए लिए यह करना होगा कि अपने वेबसाइट में अपने अपने क्षेत्रों में अनछुए क्षेत्रों की फोटो या वीडियो डालें, ताकि उन्हें देखकर पर्यटकों में ऐसे स्थलों को देखने की इच्छा जागृत हो। जब ऐसे पर्यटन स्थल लोग देखेंगे तो पर्यटन अपने क्षेत्र में खींचे चले आएंगे। ऐसा करके अपने छोटे छोटे पर्यटन व्यवसायों को बहुत बड़ा कर सकते हैं। आपका प्रयास यही रहना चाहिए कि जो पर्यटक एक बार आए तो बार बार वापस आए। एक बार जो पर्यटन खुश होकर जाएगा वो दोबारा अपने साथ अन्य पर्यटकों को भी लेकर आएगा।

वहीं एक अन्य सत्र में केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि विदेशों से कई मरीज भारत में उपचार के लिए पहुंचते हैं, ऐसे मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल वेल्यू ट्रेवल (एमवीटी) सिंगल विंडो फार ग्लोबल पेशेंट सुविधा उपलब्ध है। इसके माध्यम से मार्डन ट्रीटमेंट और ट्रेडिशनल ट्रीटमेंट की सुविधा भी उपलब्ध है। श्रीपद नाइक ने कहा कि मेडिकल वेल्यू ट्रेवल के तहत विश्व में वर्ष 2020 में मेडिकल पर्यटन 41.9 लाख करोड़ का था, जिसमें 3 से 4 गुणा वृद्धि हुई हैं, जो कि वर्ष 2026 तक 15 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

वहीं भारत की बात करें तो एमवीटी के तहत मेडिकल टूरिज्म वर्ष 2020 में 0.5 लाख करोड़ था, जो कि वर्ष 2026 तक एक लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। एमवीटी का लक्ष्य विश्व के 61 से अधिक देशों को भारत में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। भारत में लाखों की संख्या में ट्रेंड मेडिकल प्रेक्टिशनर हैं तथा देश में क्वालिटी ट्रीटमेंट, एर्फोडेबल ट्रीटमेंट, ट्रेडिशनल ट्रीटमेंट की सुविधा है। वेलनेस मार्केट में भारत की भागीदारी 7 ट्रीलियन डालर की हो सकती है। इसके उपरांत महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री मंगल प्रताप लोढा सहित तमिलनाडू और वेस्ट बंगाल के पर्यटन मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में मेडिकल टूरिज्म को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

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