राजन सुशांत ने रावण से कर डाली CM जयराम की तुलना, बोले-प्रदेश के मुखिया को कर्मचारियों की नहीं चिंता #news4
March 16th, 2022 | Post by :- | 89 Views

ऊना : हिमाचल रीजनल एलायंस के मुखिया और पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत ने कांग्रेस और भाजपा के मुकाबले हिमाचल प्रदेश में भी तीसरे विकल्प को ही सही बताया है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा को पटखनी देने के लिए आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के बीच सभी विकल्प खुले रखे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आम आदमी पार्टी और हिमाचल रीजनल एलाइंस का एक ही उद्देश्य है। इन परिस्थितियों में यदि दोनों विधानसभा चुनाव में एक साथ आकर मुकाबला करते हैं तो कांग्रेस और भाजपा को मात देना और भी आसान रहेगा। बुधवार को ऊना जिला मुख्यालय पहुंचे डॉ. राजन सुशांत ने प्रैस वार्ता करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं को भी जमकर आड़े हाथों लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा कर्मचारियों को लेकर की गई टिप्पणी के चलते जयराम की तुलना रावण से भी कर डाली और उन्हें सच्चाई से पूरी तरह अनभिज्ञ मुख्यमंत्री करार दिया।

फ्रैंडली मैच खेलते हुए अपनी सुख-सुविधाओं पर फोकस कर रहे भाजपा और कांग्रेस

राजन सुशांत ने आरोप जड़ा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्षी दल कांग्रेस से मिलीभगत करते हुए अपनी सुख सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हिमाचल परिवार के मुखिया हैं लेकिन यदि परिवार में कोई भूखा मर रहा हो या किसी को दवाई की जरूरत हो तो इन परिस्थितियों में मुखिया अपनी सुख-सुविधा कभी नहीं देखता लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर माननीयों की सुख-सुविधाओं, वेतन-भत्तों और ऐशपरस्ती के लिए हरसंभव प्रयास करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों कर्मचारी ओल्ड पैंशन स्कीम के लिए संघर्ष कर रहे हैं उन्हें अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा और कांग्रेस फ्रैंडली मैच खेलते हुए अपनी सुख-सुविधाओं पर फोकस कर रहे हैं।

युवाओं और महिलाओं को देंगे 70 फीसदी टिकट

राजन सुशांत ने ऐलान किया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में 70 फीसदी टिकट युवाओं और महिलाओं को दिए जाएंगे। वहीं कर्मचारियों के लिए भी 10 फीसदी टिकट का कोटा रखा गया है। उन्होंने कहा हो सकता है कि आने वाले विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश के हित में लिए जाने वाले तमाम फैसले कर्मचारी ही करते नजर आएं।

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