सेब कार्टन पर जीएसटी व रासायनिक खाद के मूल्य में वृद्धि पर निकाली रैली #news4
July 11th, 2022 | Post by :- | 107 Views

ठियोग : सेब उत्पादक संघ ने सोमवार को सेब कार्टन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में हुई वृद्धि और रासायनिक खाद व खेती बागवानी के काम आने वाले अन्य उत्पादों के मूल्यों में भारी वृद्धि के विरुद्ध ठियोग में लोक निर्माण विश्राम गृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली।

ठियोग के विधायक एवं सेब उत्पादक संघ के प्रमुख राकेश सिघा ने बस स्टैंड ठियोग में आयोजित जनसभा में कहा कि सेब हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ की हड्डी है। सरकारें लगातार ऐसी नीतियां ला रही हैं जिससे बागवानों व बागवानी का अस्तित्व खतरे में है। जिस तरह खाद, रासायनिक खाद और कार्टन से लेकर अन्य सामग्री के दाम में वृद्धि हो रही है, उससे बागवानी करना महंगा हो गया है। बागवानों को सेब फसल तैयार करने और मंडियों तक पहुंचाने में अधिक लागत आ रही है। प्रदेश और केंद्र सरकार को सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इसे विशेष श्रेणी में लाना चाहिए था लेकिन इसके उलट सेब बागवानी को खत्म करने को कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से सेब के पैकिग कार्टन पर जीएसटी की दर पर की गई वृद्धि तुरंत वापस लेने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि सेब बागवानी को बचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने विदेशी सेब आयात, मंडियों में बागवानों के शोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बागवान विरोधी नीतियों से प्रदेश में खेती व बागवानी पर बड़ा संकट आ गया है। किसान सभा के सुरेश वर्मा, माकपा के महेंद्र, सेब उत्पादक संघ की ठियोग इकाई के प्रधान महेंद्र वर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं ने संबोधित कर सेब खेती के काम आने वाली सामग्री सस्ती करने की मांग की। ये हैं मांगें

सेब उत्पादक संघ से जुड़े बागवानों जिनमें महिलाएं भी थीं, वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें सेब पेटियों और ट्रे पर बढ़ा हुआ जीएसटी वापस लेने, एपीएमसी कानूनों को सख्ती से लागू करने, रासायनिक खाद व कीटनाशकों में अनुदान दोबारा शुरू करने, एमआइएस योजना के तहत खरीदे सेब का तुरंत भुगतान करने, जम्मू कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल में सेब खरीद शुरू करने, मंडियों में सेब बिक्री किलोग्राम के हिसाब से शुरू करने, सेब आयात पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने और नए कोल्ड स्टोर का निर्माण तुरंत करने की मांगें शामिल हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।