केंद्रीय विश्वविद्यालय देहरा में रंग समागम का आयोजन
March 12th, 2022 | Post by :- | 314 Views

*केंद्रीय विश्वविद्यालय देहरा में रंग समागम का आयोजन*
देहरा, हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय सप्त सिंधु परिसर देहरा में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा विश्वविद्यालय में ‘रंग समागम-2022’ का आयोजन किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने अलग-अलग प्रस्तुतियां दी। साँस्कृतिक कार्यक्रम में सप्त सिंधु परिसर देहरा के निदेशक एवं अधिष्ठाता अध्ययन समाज विज्ञान स्कूल प्रो नारायण सिंह राव बतौर मुख्यतिथि उपस्थित रहे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो हर्षवर्धन शर्मा ने की। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ अरुंधति शर्मा ने सभी मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि राजनीति विज्ञान विभाग समय-समय पर ऐसे अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इस कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी साँस्कृतिक विरासत से जोड़ना एवं उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना है। साँस्कृतिक कार्यक्रम में हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की संस्कृति की भी प्रस्तुतियां देखने को मिली। शिमला, सिरमौरी, कुल्ली, लाहौली, चाबियांली मंडयाली नाटियों ने सभी को झुमने पर मजबूर कर दिया। फूड फेस्टिवल में तरह तरह के पारम्परिक व्यंजन देखने को मिले। कार्यक्रम में रैम्प वॉक, संगीत, नृत्य, कविता, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। जिसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।मुख्यअतिथि प्रो राव ने कहा कि ऐसे साँस्कृतिक कार्यक्रम शैक्षिक वातावरण को जीवंत बनाते हैं। इसलिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम होना अति आवश्यकता है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो हर्षवर्धन शर्मा ने बच्चों की प्रतिभाओं की प्रशंसा की एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफ़लता के लिए शुभकामनाएं दीं। राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ विमल कुमार कश्यप, आराधना सिंह, डॉ राजीव, डॉ वेद पालीवाल, राम्या ऐरी, डॉ निरुपमा, डॉ अमरीन निर्णायक मंडल की भूमिका में रहे। साँस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के सह आचार्य, सहायक आचार्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।