प्रदेश का राजस्व घाटा अनुदान 45 प्रतिशत बढ़ाना उचित: विक्रमादित्य
February 8th, 2020 | Post by :- | 155 Views

कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने 15वें वित्त आयोग की ओर से हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान को 45 प्रतिशत बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया है। कहा कि लगातार बढ़ते कर्ज से शायद प्रदेश को कुछ राहत मिलेगी। उम्मीद जताई कि सरकार इसे फिजूल में खर्च न करते हुए प्रदेश के विकास कार्यों में खर्च करे। विक्रमादित्य ने जारी बयान में कहा कि 15वें वित्त आयोग ने जो सिफारिशें की हैं, वह प्रदेश में पूर्व कांग्रेस सरकार की बेहतर कार्य प्रणाली और बेहतर आर्थिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के आधार पर ही की हैं। केंद्र ने प्रदेश को कोई उपकार नहीं किया है।

यह प्रदेश का वाजिब हक था। प्रदेश ने अपनी बहुमूल्य वन संपदा के साथ पर्यावरण संरक्षण की ओर विशेष ध्यान दिया है। यही वजह है कि प्रदेश में आज वन क्षेत्रफल भी बड़ा है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हिमाचल को विशेष दर्जा देते हुए इसकी विशेष आर्थिक सहायता भी समय समय भी की जानी चाहिए। विक्रमादित्य कि बीडीसी और जिला परिषद का बजट बहाल होने से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। बशर्ते, सरकार इन के अधिकारों पर किसी भी प्रकार की कैंची न चलाए। प्रदेश एक पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से यहां विकास कार्यों की लागत अन्य मैदानी इलाकों से कहीं ज्यादा पड़ती है। इस आधार पर भी प्रदेश को केंद्र से अधिक आर्थिक सहायता मिलनी ही चाहिए।

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