राजस्व अधिकारियों के साथ विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक
October 9th, 2019 | Post by :- | 169 Views

जिला चम्बा में विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोगों को उपमण्ड़ल या तहसील मुख्यालय नहीं जाना पडेगा। यह प्रमाण पत्र उन्हें अब कम्पयूटर माउस की एक क्लिक पर घर द्वार के समीप उपलब्ध होंगें। उपायुक्त चम्बा विवेक भाटिया ने आज राजस्व अधिकारियों द्वारा विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंनें बताया कि लोगों को अब कई महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र आधुनिक सूचना प्रोद्यौगिकी द्वारा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और लोक प्रमाण अथवा ई-प्रमाण पोर्टल के माध्यम से प्रदान किये जायेंगेें। लोक प्रमाण पोर्टल के माध्यम से कृषि, पिछडा क्षेत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, डोगरा, चरित्र, स्वतन्त्रता सेनानी, आय, लीगल हियर, ओबीसी, अनुसूचित एवं जन जाति प्रमाण पत्र, ग्रामीण क्षेत्र व अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी किये जायेंगें। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से भी कृषि, पिछडा क्षेत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, डोगरा, चरित्र, स्वतन्त्रता सेनानी, आय, लीगल हियर, ओबीसी, अनुसूचित एवं जन जाति प्रमाण पत्र, ग्रामीण क्षेत्र व अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी किये जायेंगें।
उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर्ता को लोक मित्र केन्द्र के माध्यम से दस्तावेज अपलोड कर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करना होगा। प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा आनलाईन जारी किये जाने के बाद लोक मित्र केन्द्र से ही डाउनलोड कर प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंनें बताया कि जिन क्षेत्रों में सिग्नल के कारण इन्टरनेट की सुविधा नहीं है उन क्षेत्रों में वैकल्पिक उपाय किये जायेंगें। यह सुविधा आरम्भ होने से लोंगों के धन व समय की बचत सुनिश्चित होगी। इस बारे में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि उपमण्ड़ल स्तर पर ”राजस्व सदनों” का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक राजस्व सदन के निर्माण के लिए 28 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। सभी उपमण्ड़ल अधिकारियों को इसके लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिये गए हैं। इन राजस्व सदनों का निर्माण परम्परागत शैली में किया जाएगा। विवेक भाटिया ने कहा कि लोगों को त्वरित सेवाएं प्रदान करने के लिए जिला को ”जीरो पैन्डेंसी डिस्ट्रिक्ट” बनाया जाएगा। इसके तहत राजस्व के सभी मामलों को समयबद्ध सीमा के तहत निपटाया जाएगा और हर मामला तीन माह की अवधि के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने सभी उपमण्ड़ल अधिकारियों व तहसीलदारों को कार्यालयों का निरीक्षण, डिजिटाईजड मुसावी सीटों की जांच, रिकार्ड कक्षों का आधुनिकीकरण करने के लिए भी जरूरी दिशा निर्देश दिये। उपायुक्त ने आज नम्बरदार जनकल्याण महासंघ चम्बा के पदाधिकारियों से भी भेंट की तथा उनकी समस्याओं व मांगों के सम्बन्ध में अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिये।

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