हिमाचल में बनी इन आठ दवाओं के सैंपल फेल, ड्रग अलर्ट में खुलासा
June 13th, 2019 | Post by :- | 206 Views
देश भर में बनी 33 दवाएं एक बार फिर मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इनमें आठ दवाएं हिमाचल में बनी हैं। हिमाचल में बनी जिन 8 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें पांच बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) और तीन सिरमौर के दवा उद्योगों में बनीं हैं।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के मई के ताजा ड्रग अलर्ट में यह खुलासा हुआ है। बीते पांच महीने में हिमाचल के उद्योगों में बनी 60 दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं।

इन दवाइयों के सैंपल हुए फेल

प्रदेश में बनी जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं उन्हें संक्रमण, दिल के दौरे की रोकथाम, उच्च रक्तचाप के उपचार, जीवाणु संक्रमण, अचानक लगे दस्त और सूजन आंत्र रोग, फफूंदीय संक्रमण, आंत्र ज्वर हैजा, नेत्र संक्रमण, बाहरी कान के जीवाणु संक्रमण, प्लेग और यूटीआई के उपचार के लिए दिया जाता है।

हिमाचल का बीबीएन क्षेत्र एशिया में फार्मा हब के रूप में विख्यात है। 45 फीसदी दवाएं यहीं पर बनती हैं। लेकिन प्रदेश के उद्योगों में तैयार दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर रही हैं। सीडीएससीओ के ड्रग अलर्ट में दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। इससे दवाओं की गुणवत्ता और मानकों पर कई सवाल उठ रहे हैं।

मार्केट से वापस मंगवाए बैच

मई के ड्रग अलर्ट में फेल हुए सैंपलों में एमएमजी हेल्थकेयर त्रिलोकपुर रोड कालाअंब (सिरमौर) की हेरजोविर लायफिलाइज्ड पाउडर, लोसिस रेमेडीज राजपुरा रोड खेड़ा निहला नालागढ़ की क्लोपिकेन-ए, एथिनस लाइफ साइंसेज नाहन रोड कालाअंब की टेलमिसारटन टैबलेट -20, पार्क फार्मास्यूटिकल कालूझिंडा बद्दी की ऑफलोक्सिन (ड्रफलॉक-200), बोफिन बायोटेक बेहराल पांवटा साहिब की लोपेरामाइड हाईड्रोक्लोराइड (लोपसोल टैबलेट) से सैंपल लिए गए।

इसके साथ ही स्कॉट-एडिल फार्मेशिया ईपीआईपी फेस-1 झाड़माजरी बद्दी की फलूकोनजॉल (फलूटिस-150 टेबलेट), वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल्स झाड़माजरी की क्लोरामफेनिकॉल एंड डेक्सामैथासोन सोडियम आई ड्रॉप (पॉलीमिसिन), सिपला लिमिटेड मलपुर बद्दी की निट्ररोफूरेशन कैप्सूल (यूरीफॉस्ट) शामिल हैं। इन दवाओं के सीडीएससीओ सब जोन बद्दी, सीडीएससीओ ईस्ट जोन कोलकाता, ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट मिजोरम, एचपी स्टेट, सीडीएससीओ नॉर्थ जोन गाजियाबाद से सैंपल लिए गए।

इनकी जांच सीडीएल कोलकाता, आरडीटीएल गुवाहाटी, आरडीटीएल चंडीगढ़ में हुई है। सैंपल फेल हुए उद्योगों को नोटिस देकर बैच मार्केट से वापस मंगवा लिए हैं। इनकी रिपोर्ट भी मांगी है। कई दवाओं में वातावरण का असर पड़ता है, जिसके चलते सैंपल फेल होते हैं। -नवनीत मरवाह, राज्य दवा नियंत्रक

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