सतीश ने खोजी स्वरोजग़ार की राहें, पॉलीहाउस लगाकर किया अपने सपनो को पूरा
November 6th, 2019 | Post by :- | 283 Views

सतीश ने खोजी स्वरोजग़ार की राहें, पॉलीहाउस लगाकर किया अपने सपनो को पूरा

देहरा,  प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के लोगों को स्वावल बी बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का कई महत्वकांक्षी और परिश्रमी लोगों ने भरपूर लाभ उठाया है।ऐसा ही एक नाम है ज्वालामुखी तहसील के गु मर निवासी सतीश कुमार का। उन्होंने बागवानी एवं कृषि विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ भरपूर उठाकर स्वरोजग़ारी होने की नई इबारत लिखी है। सब्जी और नकदी फसलों के माध्यम से आज सतीश कुमार हर महीने 50 हज़ार रुपये तक कमा लेते हैं पर इससे अधिक उनके चेहरे पर दिखता सुकून उनके आत्मनिर्भर होने का साक्षी है। सतीश कुमार का सालाना 25 लाख रुपये का टर्नओवर है और 50 लाख रुपये का लक्ष्य रखा गया है। जैविक खाद का प्रयोग उनकी खेती की विशेषता है, जिसके चलते उनके उत्पाद खेतों में ही बिक जाते हैं। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सतीश ने सरकारी नौकरी के लिए काफी भाग-दौड़ की, परन्तु उनके हाथ निराशा ही लगी। इस दर यान घर वालों ने उनकी शादी कर दी। बढ़ी हुई जि मेदारियों के साथ जब उन्हें गृहस्थी की गाड़ी खींचना मुश्किल हो गया, तब उन्होंने सरकारी नौकरी के पीछे भागने के स्थान पर परंपरागत तरीके से की जा पारिवारिक खेती पर अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। खेती के लिए ज़मीन तो काफी थी, परन्तु थी भगवान भरोसे, क्योंकि सिंचाई का कोई साधन न था। उन्होंने अपने प्रयासों से कुआँ खोदना आर भ किया परन्तु यहां भी उनकी किस्मत दगा दे गई। करीब 40 फुट तक खोदने के बाद भी पानी नहीं निकला और इस चक्कर में अपनी जमा-पूंजी से भी हाथ धो बैठे। इस दौरान उन्हें बागवानी विभाग द्वारा आयोजित जागरूकता शिविर में जाने का मौका मिला। शिविर में मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने अपने खेतों में एक लाख 75 हजार रुपये की लागत से बोर-वैल लगाया, जिस पर उन्हें सरकार की ओर से 1 लाख तीन हजार रुपये और पंपिंग मशीनरी पर 17500 रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रयासों से खोदे गए कुएं को जल भंडारण के लिए प्रयोग किया । इस तरह सिंचाई की नियमित व्यवस्था होने से खेती में काफी सुधार होने लगा। अब तक उन्होंने तमाम सरकारी योजनाओं की जानकारी भी जुटा ली थी। उन्होंने बागवानी विभाग से 8 लाख रूपए का सरकारी अनुदान हासिल कर एक हज़ार मीटर में पॉली हाऊस का निर्माण किया। खेती की निरन्तर सिंचाई सतीश की मेहनत में इन्द्रधनुषी रंग भरने लगी। चालू मौसम के दौरान सतीश टमाटर, बैंगन, गोभी और शिमला मिर्च की पनीरी बेचकर 1 लाख रुपये से अधिक कमा चुके हैं। पॉली हाऊस के अतिरिक्त वह अपनी 8 कनाल भूमि में गोभी जैसी नकदी मौसमी फसलें उगाकर प्रति माह अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। अपने परिवार के साथ उन्होंने कई अन्य लोगों को भी रोजग़ार प्रदान किया है। इसमें कोई दोराय नहीं कि सतीश कुमार ने अपने प्रयासों से सरकारी सहायता का पूरा लाभ उठाकर समाज को स्वरोजग़ारी होने का सशक्त संदेश दिया है।

इसपर एचडीओ देहरा डॉ जीएस गोमरा ने बताया कि ग्राम पंचायत गु मर में हमनें किसानों का कार्यक्रम किया था। जहां हमें सतीश कुमार मिले और हमारे साथ जुड़े। उन्होंने कहा कि 2012 से सतीश कुमार हमारे साथ जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इनको विभागों की सभी स्कीमें दी गई है। उन्होंने कहा कि हॉर्टिकल्चर के तहत जो भी समस्याएं आती हैं हम उनका समाधान करते हैं। उन्होंने कहा कि सतीश की एनुअल इनकम डबल से भी ज्यादा हो गई है।

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