सत्संग ही मनुष्य जीवन में परिवर्तन लाने का एक साधन है
February 21st, 2020 | Post by :- | 174 Views

“सत्संग ही मनुष्य जीवन में परिवर्तन लाने का एक साधन है” उक्त वाक्य पंडित सुमित शास्त्री ने शिव मंदिर निचला गढ़ प्रागपुर में चल रही भागवत कथा के छटे दिन कहे । परमात्मा के द्वारा दिए हुए इस अवसर का जो सदुपयोग करते हैं , उनका जीवन आनंदमय हो जाता है और जो इस अवसर से चूक जाते हैं वो ज़िन्दगी भर पछताते रहते हैं । शास्त्री ने राजा कंस का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि ये कंस भगवान श्री कृष्ण को साधारण ग्वाला समझने की भूल करता रहा ।

प्रभु ने पहले चाणूर- मुष्टिकासुर, शल -तोशल और कूट का उद्धार कर दिया और अंत में मथुरा के राजा कँस के ऊपर सारी धरती का भार लेकर गिरे तो उसका भी उद्धार कर दिया । इसके बाद सभी आए हुए भक्तों ने रूक्मणी मंगल के उत्सव का आनँद दिया । इसके बाद शास्त्री ने आए हुए भक्तों को शिवरात्रि की हार्दिक बधाई दी और शिवरात्रि की कथा श्रवण करवाई । कथा में पुष्पा कोल, शमा सूद, पारीका, हनी, रिजू, अर्पिता, रिधिमा,सार्थक , रोहित पवार, सनी पंडित व अंशिका ने भाग लिया । कल यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा ।

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