प्रदेश में नाबालिगों के अश्लील वीडियो देखने, अपलोड करने के सात मामले पकड़े
December 23rd, 2019 | Post by :- | 161 Views

यदि आप सोशल मीडिया पर नाबालिगों के पोर्न वीडियो देखते या उनको फॉरवर्ड और अपलोड करते हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि आप मुसीबत मोल ले रहे हों। दिल्ली पुलिस साइबर क्राइम यूनिट की इस पर नजर है। दिल्ली साइबर क्राइम यूनिट ने हिमाचल में ऐसे ही सात मामले पकड़े हैं। इसमें मंडी जिला के जोगिंद्रनगर के युवक पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिला मंडी में इस तरह का पहला मामला है। एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर नाबालिगों के अश्लील वीडियो देखने या सोशल मीडिया पर अपलोड करके फॉरवर्ड करने वाले सावधान रहें। ऐसा करना संगीन अपराध है। गृह मंत्रालय ऐसे लोगों पर साइबर क्राइम यूनिट के माध्यम से नजर रख रहा है। पोर्न साइट से बच्चियों की अश्लील वीडियो डाउनलोड करने और उसे अपलोड करने का ऐसा ही मामला जोगिंद्रनगर में भी आया है।

साइबर क्राइम यूनिट दिल्ली की सूचना पर मंडी पुलिस ने जोगिंद्रनगर के आरोपी युवक पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार इस तरह से क्राइम से संबंधित सात रिपोर्टें भेजी गई हैं जिसमें शिकायत नंबर 59364638 थाना जोगिंद्रनगर से संबंधित थी। आरोपी ने 4 मई 2019 को एक पोर्न वीडियो फेसबुक पर अपलोड किया, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित पाया गया। इसे दिल्ली स्थित साइबर क्राइम यूनिट ने ट्रेस किया है।

कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान
पुलिस ऐसे मामलों में आईटी एक्ट की धारा 67 बी के तहत मुकदमा दायर करती है। इस धारा में कठोर कारावास और लाखों रुपये जुर्माने का प्रावधान है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे वीडियो देखने, सर्च करने और फॉरवर्ड करने से बचें। गलती से उनके पास ऐसे वीडियो आ भी जाएं तो फौरन उन्हें डिलीट कर दें।

एनसीआरबी, एनसीएमईसी की नजर
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉएटेड चिल्ड्रन (एनसीएमईसी) के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत एनसीएमईसी नाबालिगों के अश्लील वीडियो या अन्य सामग्री को सोशल मीडिया पर डालने वालों की जानकारी देगा। यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता था। दिल्ली में इस तरह के साइबर अपराधों के लिए साइबर क्त्रसइम यूनिट नोडल एजेंसी है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।