हिंदी को दैनिक क्रिया-कलापों में अपनाएं : शांता
March 2nd, 2020 | Post by :- | 150 Views

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है और हिंदी को दैनिक क्रिया-कलापों में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी ही हमारा सम्मान है और इस सम्मान की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है। आज हम सभी को यह प्रण लेना होगा कि मातृभाषा एवं राजभाषा हिंदी को जीवन का अभिन्न अंग बनाएंगे और हिमाचल जैसे हिंदी भाषी राज्य में कम से कम विवाह के निमंत्रण पत्र हिंदी में मुद्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि यही इस सम्मेलन की सफलता होगी। शांता ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से आग्रह करेंगे कि संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को उसका उच्च स्थान मिले और हिंदी वास्तविक अर्थों में देश की राजभाषा बने। इस अवसर पर डॉ. गरिमा सिंह के उपन्यास ‘ख्वाहिशें अपनी-अपनी’ तथा कृष्ण मुरारी अग्रवाल की पुस्तक ‘भाषा प्रवाह’ का विमोचन भी किया गया। इस दौरान सभापति डॉ. बद्री नारायण ने धन्यावाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

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