19 महीने जेल के जिस कमरे में रहे, वहां पहुंच भावुक हुए शांता
March 7th, 2020 | Post by :- | 155 Views
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने शनिवार को आपातकाल के दौरान आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन में बिताए 19 महीनों की यादें ताजा कीं। सुबह करीब 11 बजे वह नाहन जेल पहुंचे और उस कमरे में गए, जहां वह 19 महीने तक बतौर कैदी रहे थे। इस दौरान वह भावुक भी हुए। अब उस कमरे में लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। वर्ष 1975 में 25 जून को वह जेल में आए थे। इसके बाद उनके साथ कमरे में रहने वालों का कुनबा बढ़ता गया। एक ही कमरे में 20 से 25 लोग थे। इनमें से कई पहले छूट गए, जबकि शांता कुमार ने पूरे 19 महीने यहां गुजारे।  शनिवार को जेल से बाहर निकलकर वह मीडिया से भी मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान एक कमरे की चहारदीवारी में रहकर भी उनका हौसला नहीं टूटा। जेल के उन दिनों का सदुपयोग करते हुए खूब साधना की, तपस्या की और चिंतन किया। उसी कमरे में चार पुस्तकें लिखीं। आज उस कमरे को देख पुरानी यादें ताजा हो गईं। इसके बाद शांता कुमार का ब्राह्मण सभा ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वह किसी जनसभा या नगर में नहीं आए हैं। बल्कि तीर्थयात्रा पर आए हैं।

महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

शांता कुमार में जेल के भीतर स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी लिखी हुई किताबों की रॉयल्टी की राशि में से एक लाख रुपये कारागार कल्याण कोष के लिए दिए।

‘निर्भया का दोषी विनय ब्राह्मण नहीं, चांडाल’ 
ब्राह्मण सभा के स्वागत समारोह में शांता कुमार ने कहा कि ब्राह्मण वह है जो ब्रह्मार्थ को जानें। ब्राह्मण कर्म के आधार पर होता है, न कि जन्म के आधार पर। आजादी के लिए लड़ाई करने वालों ने ऐसे आजाद भारत की कल्पना नहीं की थी। कई बार खबरें पढ़ने को मिलती हैं, जिससे दिल टूट जाता है।

निर्भया कांड का एक दोषी विनय शर्मा भी है। उसे फांसी होने वाली है। वह ब्राह्मण नहीं हो सकता। वह चांडाल है। ब्राह्मण वह है जो देश को सकारात्मक दिशा दे और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए। शांता कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुवाई में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की भी प्रशंसा की।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।