शांता कुमार बोले, तब्लीगी मूर्खता न होती तो कोविड-19 से निपटने में भारत सबसे आगे होता
April 7th, 2020 | Post by :- | 289 Views

भाजपा नेता शांता कुमार ने कहा कि पूरे विश्व में कोरोना का संकट बढ़ता जा रहा है। सब लोग हिम्मत व धैर्य से इसका मुकाबला करें, घर पर रहें और योग करें। सोशल मीडिया के अपने पेज पर भाजपा नेता ने यह प्रतिक्रिया दर्ज करवाई है। इतना ही नहीं शांता कुमार ने यहां तक लिखा है कि भारत में यह तब्लीगी मूर्खता न होती तो भारत आज सब देशों से आगे होता, क्योंकि भारत ने समय रहते सब प्रकार की सावधानियां लागू कर दी थी। प्रशासन उन मूर्खो को घर-घर ढूंढने में लगा है। यह देश का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है।

तब्लीगी संप्रदाय के लोग विश्व में 60 से अधिक देशों में रहते हैं, यदि वहां भी ऐसी मूर्खता हुई होती तो इस समय तक आधी दुनिया खत्म हो गई होती है। यह समझ नहीं आता कि उन देशों में इस प्रकार से कभी कोई घटना नहीं घटती, इसका एक बुनियादी कारण है, दो प्रकार की मनोवृत्तियों का होना। पहली है मोहम्मद करीम छागला और दूसरी है ओवैसी की। छागला सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे, उन्होंने मुंबई में कहा था मेरी रगों में भारत के ऋषि मुनियों का खून दौड़ता है, उनका तात्पर्य यह था कि उनके पूर्वज हंिदूू थे, लेकिन उन्होंने किसी कारण इस्लाम से विचार किया था।

ओवैसी कहते हैं हमारे पूर्वजों ने भारत को जीत कर 800 साल तक राज किया था। यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि विदेशों से बहुत कम मुसलमान आक्रमणकारी आए, आज के करोड़ों मुसलमान उस समय के उन हिंदुओं की संतान हैं, जिन्होंने किसी कारण इस्लाम स्वीकार किया था। जो थोड़े से भारत में आए कुछ शासक बन गए और आम मुसलमान भारत को लूट कर वापस चले गए। जिन्होंने सोमनाथ से लेकर कांगड़ा मंदिर तक लूट की। वे भारत में नहीं रुके।

ओवैसी मनोवृत्ति के लोग आज भी रहते भारत में हैं, लेकिन अपने आपको उन विदेशी बर्बर लुटेरे आक्रमणकारियों का वंशज समझते हैं। शांता ने कहा कि मुझे खुशी है भारत के बहुत से मुसलमान भाई छागला मनोवृत्ति को मानते हैं। वह सब देशभक्त हैं स्वतंत्रता के युद्ध में भी उन्होंने भाग लिया, लेकिन कठिनाई यह है कि ओवैसी प्रवृत्ति के लोग तब्लीगी समाज की तरह ही परेशानियां पैदा करते रहते हैं।

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